शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने नासिक चुनाव परिणाम को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि अपक्ष उम्मीदवार गोकुल गीते को उनकी पार्टी ने भी समर्थन दिया था और शिवसेना (ठाकरे गुट) के वोट उनके पक्ष में ट्रांसफर किए गए।
“गोकुल गीते ने मांगा था हमारा सहयोग”
संजय राउत ने कहा कि गोकुल गीते ने चुनाव के दौरान शिवसेना (ठाकरे गुट) से सहयोग मांगा था। पार्टी ने उन्हें समर्थन दिया और अपने समर्थक मतदाताओं को उनके पक्ष में मतदान करने का संदेश दिया, जिसका उन्हें लाभ भी मिला।
उन्होंने दावा किया कि नासिक के चुनाव परिणाम जनता के गुस्से को दर्शाते हैं।
शिंदे गुट और बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
राउत ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले शिंदे गुट और भारतीय जनता पार्टी ने अपने समर्थक मतदाताओं को एकजुट रखने की पूरी कोशिश की, लेकिन मतदान के दिन बड़ी संख्या में मतदाताओं ने शिंदे गुट के खिलाफ मतदान किया।
उन्होंने कहा कि यह परिणाम जनता के असंतोष और नाराजगी का स्पष्ट संकेत है।
“बीजेपी और शिंदे गुट के रिश्तों पर उठ रहे सवाल”
संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री के चेहरे पर दिखाई देने वाली मुस्कान वास्तविक नहीं है। उनका आरोप था कि दिल्ली से एकनाथ शिंदे को राजनीतिक समर्थन देकर राज्य की राजनीति में अलग समीकरण बनाए जा रहे हैं और इससे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की राजनीतिक ताकत कमजोर करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इन राजनीतिक घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
“जनता गद्दारी का जवाब दे रही है”
राउत ने आरोप लगाया कि शिंदे गुट ने राजनीतिक गद्दारी की है, जिसका जवाब अब जनता चुनाव में दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अपक्ष उम्मीदवार गोकुल गीते पर चुनाव के दौरान दबाव और धमकियां देने की कोशिश की गई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें जनता का समर्थन मिला।
उद्धव ठाकरे लेंगे आगे का फैसला
संजय राउत ने कहा कि राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर अंतिम निर्णय शिवसेना (ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ही लेंगे। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक दबाव और धनबल के बावजूद उनकी पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा और जनता सब कुछ देख रही है।








