मुंबई के चेंबूर इलाके में मंगलवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के बीच एक विशालकाय पेड़ अचानक स्कूल बस पर गिर पड़ा। इस भयावह दुर्घटना में एक छात्रा की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया।
बस में सवार थे 13 छात्र
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चेंबूर क्षेत्र में एक पीले रंग की स्कूल बस सड़क किनारे खड़ी थी। उस समय बस में कुल 13 छात्र सवार थे। भारी बारिश के कारण सड़क पर जलभराव था और बस के ठीक पास वर्षों पुराना एक बड़ा पेड़ खड़ा था।
अचानक तेज हवा और लगातार बारिश के कारण वह पेड़ जड़ समेत उखड़ गया और सीधे स्कूल बस पर गिर पड़ा। घटना इतनी अचानक हुई कि बस में बैठे बच्चों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
बस में ही फंस गए बच्चे
पेड़ गिरने के बाद बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी छात्र उसके अंदर ही फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया।
पेड़ अत्यंत विशाल होने के कारण उसे तुरंत हटाना संभव नहीं था। इसके बाद बचाव दल ने पेड़ की शाखाओं को काटकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
एक छात्रा की मौत, कई की हालत गंभीर
बचाव दल ने सभी बच्चों को बाहर निकालकर तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हादसे में गंभीर रूप से घायल एक छात्रा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं 10 छात्रों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता राहुल शेवाले ने भी एक छात्रा की मौत की पुष्टि की है।
बारिश और तेज हवा बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पेड़ की जड़ें कमजोर हो चुकी थीं। तेज हवाओं के दबाव से पेड़ अचानक उखड़कर बस पर गिर गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पेड़ काफी पुराना था और इसकी समय-समय पर जांच तथा छंटाई नहीं की गई थी।
प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
हादसे के बाद मुंबई महानगरपालिका और उद्यान विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की वरिष्ठ नेता और मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर ने इस घटना के लिए संबंधित उद्यान विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले मार्च और अप्रैल महीने में पुराने एवं खतरनाक पेड़ों की जांच, छंटाई और आवश्यक रखरखाव किया जाना चाहिए था। यदि समय रहते यह काम किया जाता तो शायद इस हादसे को रोका जा सकता था।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
किशोरी पेडणेकर ने संबंधित उद्यान अधीक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही की वजह से मासूम बच्चों की जान खतरे में पड़ी है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए शहर के सभी पुराने और खतरनाक पेड़ों का सर्वे कर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
घटना की जांच शुरू
हादसे के बाद मुंबई पुलिस, महानगरपालिका और संबंधित विभागों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि पेड़ की स्थिति क्या थी, उसकी देखरेख कब हुई थी और क्या संबंधित विभाग ने समय रहते आवश्यक कार्रवाई की थी या नहीं।
प्रशासन ने कहा है कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई में शोक का माहौल
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे मुंबई शहर में शोक की लहर है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने मृत छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून के दौरान शहरभर के पुराने और कमजोर पेड़ों की तत्काल जांच कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।








