महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। आयुक्त तुकाराम मुंडे के निर्देश पर नासिक संभाग में पिछले दो दिनों के दौरान बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 20 होटल और रेस्तरां की जांच की गई। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 7 प्रतिष्ठित होटल और रेस्तरां के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
FDA अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कई होटल और रेस्तरां में खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन सामने आया। कई स्थानों पर रसोईघर अत्यंत अस्वच्छ पाए गए, जहां गंदगी, मक्खियों का प्रकोप और खुले में रखे खाद्य पदार्थ मिले। इसके अलावा कोल्ड स्टोरेज और तापमान नियंत्रण संबंधी नियमों का भी पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा बढ़ सकता था।
जांच टीम ने यह भी पाया कि कई प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों द्वारा व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इन कमियों को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
FDA ने स्पष्ट किया है कि जिन होटल और रेस्तरां को पहले सुधार संबंधी नोटिस जारी किए गए थे लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में आवश्यक सुधार नहीं किए, उनके विरुद्ध भी जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त तुकाराम मुंडे के कार्यभार संभालने के बाद से राज्यभर में खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। मुंबई सहित कई बड़े शहरों में कार्रवाई के बाद अब नासिक और अन्य जिलों में भी निरीक्षण तेज कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा।
इसी अभियान के तहत वाशिम जिले में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने तीन होटलों का निरीक्षण किया। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर साई ढाबा का खाद्य सुरक्षा लाइसेंस निलंबित कर दिया गया, जबकि होटल गणेश और होटल चिंतामणि को आवश्यक सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह विशेष निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य प्रदेशभर में सुरक्षित एवं स्वच्छ भोजन सुनिश्चित करना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराना है। वहीं, इस अभियान के बाद होटल और रेस्तरां संचालकों में भी सतर्कता बढ़ गई है और कई प्रतिष्ठानों ने अपने यहां स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है।








