अभिनेता दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘Satluj’ को भारत में ZEE5 से हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों ने इसे फिल्म के प्रचार का हिस्सा बताया, लेकिन फिल्म के लेखक निरेन भट्ट ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
एक विशेष बातचीत में निरेन भट्ट ने कहा कि फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटाना किसी भी तरह का मार्केटिंग स्टंट नहीं है। उन्होंने कहा कि हर निर्माता चाहता है कि उसकी फिल्म अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचे और अपनी लागत वसूल करे।
भट्ट के अनुसार, फिल्म मूल रूप से सिनेमाघरों में रिलीज के लिए बनाई गई थी। उनका मानना था कि यह सकारात्मक दर्शक प्रतिक्रिया और ‘वर्ड ऑफ माउथ’ के जरिए सफलता हासिल करेगी। हालांकि, जब थिएटर रिलीज संभव नहीं हो सकी, तब इसे OTT प्लेटफॉर्म पर लाया गया।
उन्होंने कहा कि OTT प्लेटफॉर्म भी फिल्मों के जरिए दर्शक और सब्सक्राइबर बढ़ाना चाहते हैं। ZEE5 को भी इस फिल्म से व्यावसायिक लाभ मिलने की उम्मीद थी, इसलिए इसे जानबूझकर हटाना किसी प्रचार रणनीति का हिस्सा नहीं माना जा सकता।
निरेन भट्ट ने यह भी उम्मीद जताई कि ‘Satluj’ जल्द ही भारत में फिर से ZEE5 पर उपलब्ध होगी। फिलहाल यह फिल्म भारत के बाहर ZEE5 के अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए उपलब्ध है।
गौरतलब है कि यह फिल्म पहले ‘Punjab ’95’ शीर्षक से बनाई गई थी और इसमें दिलजीत दोसांझ ने सिख अधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाई है। भारत में फिल्म के हटाए जाने के बाद सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी बहस तेज हो गई है।








