पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ देखने को मिला। दिनभर बिकवाली के दबाव के बीच बीएसई सेंसेक्स 561.46 अंक गिरकर 77,054.94 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 158.95 अंक टूटकर 24,052.05 पर आ गया और 24,100 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ।
बाजार में चौतरफा बिकवाली
मंगलवार के कारोबारी सत्र में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में रहे। बाजार के आंकड़ों के अनुसार 1,422 शेयरों में बढ़त, जबकि 2,632 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं करीब 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी-50 के 50 प्रमुख शेयरों में से 39 शेयर लाल निशान में बंद हुए। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.6 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1 फीसदी तक गिर गया।
रियल्टी और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में करीब 2 फीसदी की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा पीएसयू बैंक 1.86 फीसदी, ऑटो सेक्टर 1.65 फीसदी, बैंकिंग सेक्टर 1.20 फीसदी और आईटी सेक्टर 1 फीसदी तक कमजोर रहे।
निफ्टी के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ, टाटा मोटर्स और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज शामिल रहे।
फार्मा सेक्टर ने दिखाई मजबूती
कमजोर बाजार के बीच फार्मा सेक्टर ने निवेशकों को कुछ राहत दी। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.02 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। भारती एयरटेल, अपोलो हॉस्पिटल्स, सन फार्मा और सिप्ला के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
मिडिल ईस्ट संकट बना गिरावट की बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में आई इस बड़ी गिरावट की प्रमुख वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव तथा अमेरिकी हमलों की खबरों ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से होने वाले ईरानी व्यापार पर नए प्रतिबंधों की घोषणा ने कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ा दी हैं। तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इसी आशंका के चलते निवेशकों ने बाजार में मुनाफावसूली और बिकवाली का रुख अपनाया, जिससे भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई।








