• Create News
  • ▶ Play Radio
  • वीएचपी ने सैम पित्रोदा के बयान पर कांग्रेस को घेरा, सोनिया-राहुल से मांगा जवाब

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    भारतीय राजनीति में बयानबाजी का दौर अक्सर तीखा और विवादित होता है। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सलाहकार सैम पित्रोदा के पाकिस्तान संबंधी बयान ने नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। पित्रोदा ने कथित तौर पर कहा कि “पाकिस्तान भी हमारे जैसा ही है, वहां भी लोग रहते हैं, घर हैं और संस्कृति है।” इस बयान पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

    वीएचपी का कहना है कि पित्रोदा का यह बयान कांग्रेस पार्टी की असली मानसिकता को उजागर करता है। संगठन ने सवाल उठाया है कि क्या यह विचार केवल पित्रोदा का है या पूरी कांग्रेस पार्टी का? साथ ही वीएचपी ने कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी, से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।

    वीएचपी का कड़ा बयान

    वीएचपी के प्रवक्ताओं ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से दशकों तक दुश्मनी झेली है। 1947 से लेकर कारगिल युद्ध तक, पाकिस्तान ने बार-बार भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती दी है। ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता द्वारा पाकिस्तान को ‘घर जैसा’ बताना न केवल देश की जनता की भावनाओं को आहत करता है, बल्कि शहीदों के बलिदान का भी अपमान है।

    वीएचपी ने यह भी कहा कि कांग्रेस बार-बार ऐसे नेताओं को आगे करती है जो भारत की सुरक्षा और राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दों पर विवादित बयान देते हैं। पित्रोदा के बयान को लेकर संगठन ने सवाल उठाया, “क्या यह कांग्रेस का आधिकारिक दृष्टिकोण है?”

    सोनिया और राहुल गांधी पर सवाल

    वीएचपी ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से जवाब मांगा है। संगठन ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे सैम पित्रोदा के विचारों से सहमत हैं या नहीं। यदि वे असहमत हैं तो क्या वे पित्रोदा के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे?

    संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर ऐसे बयान देती है जिससे पाकिस्तान को फायदा मिलता है और भारत की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर होती है।

    कांग्रेस की चुप्पी पर निशाना

    इस पूरे विवाद में अब तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पित्रोदा का बयान भले ही उनके व्यक्तिगत विचार हों, लेकिन विपक्षी दल और संगठन इसे कांग्रेस की सोच से जोड़कर देख रहे हैं।

    वीएचपी ने इस चुप्पी पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस की चुप्पी इस बात का संकेत है कि वह इस बयान से असहमत नहीं है। यदि ऐसा नहीं है, तो पार्टी को तुरंत अपने नेता पर कार्रवाई करनी चाहिए।”

    विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं

    भाजपा और अन्य राष्ट्रीय दलों ने भी इस बयान को हाथों-हाथ लिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस हमेशा पाकिस्तान के प्रति नरमी दिखाती रही है। सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसे मुद्दों पर भी कांग्रेस ने सेना की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे।

    भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि यह वही कांग्रेस है जो देश के शहीदों की शहादत को ‘राजनीतिक लाभ’ से जोड़ती है और पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति दिखाती है।

    पित्रोदा के पिछले बयान और विवाद

    यह पहली बार नहीं है जब सैम पित्रोदा का बयान विवादों में आया हो। इससे पहले भी वे कई बार अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। 2019 में पुलवामा हमले और बालाकोट स्ट्राइक के बाद उन्होंने कहा था कि “यह सब होता रहता है।” उस समय भी उनके बयान की काफी आलोचना हुई थी।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेस को बार-बार ऐसे बयानों से नुकसान होता है। पित्रोदा को ‘कांग्रेस का विदेशी चेहरा’ कहा जाता है क्योंकि वह लंबे समय तक अमेरिका में रह चुके हैं और वहीं से भारत के लिए अपनी राय रखते हैं।

    जनता की प्रतिक्रिया

    सोशल मीडिया पर पित्रोदा के बयान के बाद लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। ट्विटर और फेसबुक पर #ShameOnCongress और #SamPitroda ट्रेंड करने लगे। हजारों यूजर्स ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पार्टी ऐसे नेताओं को महत्व देती है तो वह भारत के नागरिकों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।

    कई लोगों ने लिखा कि पाकिस्तान को ‘घर जैसा’ बताना उन शहीद परिवारों का अपमान है जिन्होंने सीमा पर अपनी जान दी।

    राजनीतिक असर

    इस बयान का असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है। भाजपा और सहयोगी दल इस मुद्दे को जनता के बीच बड़े पैमाने पर उठा सकते हैं। वहीं कांग्रेस के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी कि वह अपने नेता के बयान से किनारा करे या उसे बचाने की कोशिश करे।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के विवादास्पद बयान अक्सर चुनावी माहौल को प्रभावित करते हैं। ऐसे में कांग्रेस को अपनी रणनीति स्पष्ट करनी होगी।

    सैम पित्रोदा के पाकिस्तान संबंधी बयान ने कांग्रेस पार्टी को एक बार फिर विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है। वीएचपी ने इसे भारत विरोधी सोच बताया है और पार्टी नेतृत्व से जवाब मांगा है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया अब इस पूरे विवाद का केंद्र बिंदु बन गई है।

    📄 Download News

  • Related Posts

    बिहार के सीवान में AK-47 चलने के बाद एसपी हटाए गए, जुलाई के छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई थी फायरिंग

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। बिहार के सीवान में 25 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कांस्टेबल द्वारा AK-47 से फायरिंग किए जाने…

    Continue reading
    सोशल मीडिया सेंसरशिप पर खरगे का मोदी सरकार पर हमला, बोले- 5 महीनों में जारी हुए 1.95 लाख ब्लॉकिंग आदेश

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया सेंसरशिप के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *