• Create News
  • भारत में हरित कौशल की नई क्रांति: Ashoka University और EDF ने मिलकर आयोजित किया देश का पहला ‘क्लाइमेट वर्कफोर्स समिट’

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    भारत की तेजी से बढ़ती हरित अर्थव्यवस्था (Green Economy) को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए Ashoka University और Environmental Defense Fund (EDF) ने मिलकर देश का पहला “Climate Workforce Summit” आयोजित किया। इस समिट का उद्देश्य था भारत के युवाओं को पर्यावरण-अनुकूल उद्योगों और तकनीकों के लिए तैयार करना, ताकि वे जलवायु परिवर्तन से निपटने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

    यह कार्यक्रम शिक्षा, उद्योग और नीति-निर्माण क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ मुंबई में आयोजित किया गया। समिट में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत में ग्रीन ट्रांजिशन को सफल बनाने के लिए केवल तकनीक नहीं, बल्कि कुशल मानव संसाधन यानी प्रशिक्षित ग्रीन वर्कफोर्स की आवश्यकता है।

    Ashoka University और EDF ने बताया कि यह समिट देश में हरित रोजगार (Green Jobs) और ग्रीन स्किल डेवलपमेंट की दिशा में नई सोच को जन्म देगा। समिट का मुख्य विषय था — “Enabling Climate Workforce Transition in India”, जिसके तहत पैनल चर्चाएं, नीति-संवाद, उद्योग सत्र और क्लाइमेट करियर के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।

    समिट के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को लाखों ऐसे युवाओं की जरूरत होगी, जो क्लाइमेट चेंज, सस्टेनेबिलिटी, रिन्यूएबल एनर्जी, ईको-फ्रेंडली टेक्नोलॉजी और ग्रीन इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में काम करने के लिए प्रशिक्षित हों। यह पहल न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से आवश्यक है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी।

    EDF की ओर से कहा गया कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत जैसे देश में “क्लाइमेट-रेडी स्किल्स” का निर्माण बेहद जरूरी है। उद्योग जगत को भी अब यह समझ आ चुका है कि ग्रीन स्किल्स सिर्फ CSR (Corporate Social Responsibility) का हिस्सा नहीं, बल्कि व्यापार की स्थिरता और भविष्य की प्रतिस्पर्धा का आधार हैं।

    Ashoka University के प्रतिनिधियों ने बताया कि संस्थान पहले से ही Climate Corps Fellowship जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को हरित परियोजनाओं में शामिल कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में 100 से अधिक फेलोज़ ने देशभर में 30+ संगठनों में क्लाइमेट-सम्बंधित प्रोजेक्ट्स पर काम किया है।

    इस समिट में उद्योग जगत से भी बड़ी भागीदारी देखी गई। JSW, Godrej, Mahindra, HSBC, Deloitte जैसी अग्रणी कंपनियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे अब अपनी भर्ती और प्रशिक्षण प्रक्रियाओं में “ग्रीन स्किल इंडेक्स” शामिल कर रही हैं।

    चर्चाओं में यह भी कहा गया कि भारत में ग्रीन जॉब्स सिर्फ उच्च शिक्षित युवाओं तक सीमित नहीं रहेंगे। ब्लू-कलर वर्कर्स और ग्रामीण युवाओं को भी सौर ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जैव-कृषि और ऊर्जा-दक्षता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। इसके लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटरों का विस्तार और उद्योग-अकादमिक सहयोग अहम होगा।

    समिट ने यह स्पष्ट किया कि भारत का “हरित संक्रमण” (Green Transition) तभी सफल होगा जब शिक्षा नीति, औद्योगिक विकास और मानव संसाधन प्रशिक्षण एकसाथ काम करें। आने वाले वर्षों में भारत को जलवायु-अनुकूल अर्थव्यवस्था के लिए लाखों नए पेशेवरों की जरूरत होगी, जो ग्रीन बिजनेस मॉडल और सतत विकास को आगे बढ़ा सकें।

    Ashoka University और EDF की इस पहल को विशेषज्ञों ने “भारत की ग्रीन टैलेंट क्रांति की शुरुआत” बताया। इसका उद्देश्य सिर्फ जलवायु परिवर्तन से निपटना नहीं, बल्कि एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जो आर्थिक रूप से समृद्ध, पर्यावरणीय रूप से संतुलित और रोजगार के नए अवसरों से परिपूर्ण हो।

  • Related Posts

    श्री बालाजी इलेक्ट्रॉनिक, डाबड़ी में इलेक्ट्रॉनिक सामान पर भारी छूट—होलसेल रेट का उठाएं फायदा

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। हनुमानगढ़ जिले के भादरा उपखंड के गाँव डाबड़ी में इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में नई क्रांति लेकर आया है श्री बालाजी इलेक्ट्रॉनिक,…

    Continue reading
    मुख्यमंत्री निवास पर बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने की शिष्टाचार भेंट

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। मुख्यमंत्री निवास पर सोमवार को बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *