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भारत की उद्यमिता जगत में नई ऊर्जा भरने के लिए IIT मद्रास (IIT Madras) ने एक ऐतिहासिक पहल की है। संस्थान ने देश के सबसे बड़े स्टार्टअप डेटा प्लेटफॉर्म ‘Startups for All’ को लॉन्च कर भारत के स्टार्टअप यूनिवर्स को आम नागरिकों, छात्रों और उद्यमियों के लिए खोल दिया है। इस पहल का उद्देश्य है — “हर व्यक्ति को समान अवसर मिले, चाहे वह किसी भी शहर, कॉलेज या पृष्ठभूमि से आता हो।”
इस प्लेटफॉर्म को IIT मद्रास के Centre for Research on Startups and Risk Financing (CREST) ने अपने इनक्यूबेटेड स्टार्टअप YNOS Venture Engine के साथ मिलकर विकसित किया है। इसका मकसद है भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम में मौजूद “सूचना असमानता” को खत्म करना, ताकि हर प्रतिभाशाली व्यक्ति को सही दिशा और डेटा मिल सके।
IIT मद्रास ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म भारत का सबसे व्यापक स्टार्टअप डेटाबेस है, जिसमें 2.75 लाख से अधिक स्टार्टअप्स, 15,000 एंजेल इन्वेस्टर्स, 5,500 वेंचर कैपिटल फंड्स, 1,400 से अधिक इनक्यूबेटर्स, 800 बैंकिंग संस्थान और 100 से अधिक सरकारी योजनाओं की जानकारी शामिल है। यह सभी डेटा एक क्लिक में छात्रों, निवेशकों और उद्यमियों के लिए उपलब्ध होगा।
‘Startups for All’ का विज़न सरल है — “हर कोई उद्यमी बन सकता है, अगर उसे सही जानकारी और संसाधन मिलें।” यही कारण है कि IIT मद्रास ने इस प्लेटफॉर्म को पूरी तरह डिजिटल और सुलभ बनाया है। इसकी शुरुआत सभी उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ्त एक्सेस से होगी, और बाद में छोटे सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत अधिक डेटा एवं टूल्स उपलब्ध कराए जाएंगे।
CREST के निदेशक प्रोफेसर थिल्लै राजन ने कहा कि भारत में लाखों युवा ऐसे हैं जिनके पास इनोवेटिव आइडिया हैं, लेकिन उन्हें उद्योग, निवेश या नीति से जुड़ी सही जानकारी नहीं मिल पाती। “जानकारी की कमी ही नवाचार की सबसे बड़ी रुकावट है। यह प्लेटफॉर्म सुनिश्चित करेगा कि देश का हर युवा, चाहे वह पटना, इंदौर या कोलकाता का हो, स्टार्टअप की यात्रा शुरू कर सके।”
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है — देश में अब तक 1 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और 110 से ज्यादा यूनिकॉर्न हैं। लेकिन अब भी ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं के लिए सही दिशा और नेटवर्क तक पहुंच मुश्किल है। IIT मद्रास की यह पहल उसी अंतर को पाटने की कोशिश है।
‘Startups for All’ प्लेटफॉर्म से उपयोगकर्ताओं को न केवल डेटा मिलेगा, बल्कि यह “बिज़नेस इंटेलिजेंस टूल्स”, निवेशकों के साथ संपर्क, फंडिंग ट्रेंड्स और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी देगा। इसके माध्यम से छात्र, इनोवेटर्स और छोटे उद्यमी अपने बिज़नेस मॉडल को बेहतर बना सकेंगे।
उद्योग जगत ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारतीय नवाचार को एक नई दिशा देगा। Godrej, Mahindra, JSW और HSBC जैसे समूहों ने कहा है कि इससे छोटे शहरों में भी स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा मिलेगा। भारत के “विकसित भारत 2047” और “$5 ट्रिलियन इकोनॉमी” के लक्ष्य में यह प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इसके साथ ही, IIT मद्रास ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में यह प्लेटफॉर्म भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि भाषा की बाधा भी दूर हो सके। इससे न केवल छात्र बल्कि किसान, महिला उद्यमी और स्थानीय व्यवसायी भी जुड़ सकेंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का लोकतंत्रीकरण करेगा — यानी अब इनोवेशन सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। हर गाँव, हर जिला और हर कॉलेज अब भारत के आर्थिक विकास की इस यात्रा में भागीदार बन सकेगा।
अंततः, IIT मद्रास की यह पहल यह साबित करती है कि भारत का अगला बड़ा यूनिकॉर्न किसी भी कोने से उभर सकता है — बशर्ते उसे सही जानकारी, सही मार्गदर्शन और समान अवसर मिलें। “Startups for All” भारत को आत्मनिर्भर, नवोन्मेषी और विश्व-स्तरीय उद्यमिता हब बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।








