• Create News
  • ▶ Play Radio
  • दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण गंभीर, शशि थरूर ने 6 साल पुराना पोस्ट किया शेयर: “कब तक जिंदगी काटोगे सिगरेट, बीड़ी और सिगार में”

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है। राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में AQI यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के करीब पहुंच गया है, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। ऐसे में राजधानी के निवासियों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर छह साल पुराना पोस्ट दोबारा साझा किया।

    थरूर ने अपने पुराने पोस्ट में लिखा था: “कब तक जिंदगी काटोगे सिगरेट, बीड़ी और सिगार में, कुछ दिन तो गुजारो दिल्ली-एनसीआर में।” उन्होंने इसे साझा करते हुए बताया कि छह साल की उदासीनता के बावजूद यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक और जरूरी है। उन्होंने आगे लिखा कि यह स्थिति दुखद और निराशाजनक है कि समय बीतने के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या जस की तस बनी हुई है।

    दो दिन पहले ही शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर वायु गुणवत्ता सूचकांक की एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें दिल्ली का AQI 371 दर्ज किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, AQI 300 से ऊपर होने पर यह ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है और ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों के लिए स्वास्थ्य जोखिम काफी बढ़ जाता है।

    दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का यह बढ़ता स्तर कई कारणों से जुड़ा हुआ है। इसमें वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल, उत्तरी भारत के खेतों में पराली जलाना, और औद्योगिक उत्सर्जन प्रमुख हैं। सर्दियों में हवा में स्थिरता और धुंध के कारण प्रदूषण और भी गंभीर रूप ले लेता है।

    शशि थरूर ने इस पोस्ट के माध्यम से लोगों को जागरूक किया कि केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए यह समस्या गंभीर है। उन्होंने कहा कि जरूरी है कि नागरिक और सरकार मिलकर प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपाय करें। इसके लिए वाहन कम करना, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल, वृक्षारोपण और औद्योगिक उत्सर्जन पर नियंत्रण जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए।

    कांग्रेस सांसद का यह संदेश इस बात की याद दिलाता है कि पर्यावरण संरक्षण और हवा की गुणवत्ता पर पिछले वर्षों से कोई गंभीर कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी सवाल उठाया कि अगर छह साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है, तो क्या हम सच में अपने शहर और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रयास कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में यह उछाल स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकता है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में सांस संबंधी बीमारियां, अस्थमा और हृदय रोगों की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, लम्बी अवधि में यह शहर की जीवन गुणवत्ता और पर्यावरणीय स्थिति को भी प्रभावित करता है।

    शशि थरूर का यह सोशल मीडिया पोस्ट केवल चेतावनी नहीं, बल्कि लोगों को सोचने और जागरूक होने का आह्वान भी है। उन्होंने यह संदेश दिया कि अगर हम आज अपनी आदतें और प्रदूषण नियंत्रण उपाय नहीं अपनाते, तो आने वाले समय में स्वास्थ्य और पर्यावरण पर इसका दुष्प्रभाव और भी गंभीर होगा।

    इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग शशि थरूर की बात से सहमत नजर आए और उन्होंने सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की। दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले नागरिकों के लिए यह समय सचेत रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने का है।

    इस प्रकार, शशि थरूर का यह छह साल पुराना लेकिन आज भी प्रासंगिक पोस्ट एक बार फिर से राजधानी के लोगों और सरकार को याद दिला रहा है कि स्वच्छ हवा और प्रदूषण नियंत्रण अब कोई विलंब का विषय नहीं रह सकता।

  • Related Posts

    राजस्थान जालोर के छोटे से गांव से राष्ट्रीय तकनीकी ब्रांड तक का सफर, भंवर सुथार ने आस्थासॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ के माध्यम से रचा सफलता का नया इतिहास

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। भारत के तेजी से विकसित हो रहे सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और वित्तीय प्रौद्योगिकी (FinTech) क्षेत्र में आस्थासॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड…

    Continue reading
    शरद पवार और सुप्रिया सुले ने की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात, एनडीए में समर्थन की चर्चाओं के बीच सियासी हलचल तेज

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *