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  • योगी सरकार का बड़ा ऐलान: मुर्गी पालन करने वालों का लोन चुकाएगी सरकार, बिजली बिल में भी मिलेगी छूट

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    उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के युवाओं और किसानों को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पोल्ट्री (मुर्गी पालन) व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए कुक्कुट विकास नीति के तहत नई राहत योजना की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत सरकार न केवल मुर्गी पालन करने वालों को बैंक लोन पर ब्याज में सब्सिडी देगी बल्कि उनके बिजली बिलों में भी विशेष छूट प्रदान करेगी। योगी सरकार का यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति कमर्शियल लेयर फार्म (अंडा उत्पादन) या ब्रॉयलर पैरेंट फार्म (चूजा उत्पादन) शुरू करना चाहता है, तो उसे बैंक लोन पर 5 साल तक 7 प्रतिशत ब्याज की छूट मिलेगी। यानी, सरकार खुद उस ब्याज का एक बड़ा हिस्सा वहन करेगी। इससे पोल्ट्री व्यवसायियों का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा। इसके अलावा, इस योजना के तहत व्यवसायी को केवल कुल लागत का 30 प्रतिशत निवेश स्वयं करना होगा, जबकि शेष 70 प्रतिशत राशि बैंक लोन के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।

    सरकार की यह नीति न केवल मौजूदा पोल्ट्री व्यवसायियों को राहत देगी, बल्कि नए उद्यमियों के लिए भी एक सुनहरा अवसर लेकर आई है। इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन बढ़ेगा और युवाओं को अपने गांव में ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। योगी सरकार का लक्ष्य है कि पोल्ट्री व्यवसाय को एक संगठित उद्योग के रूप में विकसित किया जाए ताकि राज्य में अंडे और चिकन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके।

    राज्य के पशुपालन विभाग के अनुसार, इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति ‘निवेश मित्र पोर्टल’ (Invest Mitra Portal) पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यह पोर्टल राज्य सरकार का सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म है, जहां निवेश से जुड़ी सभी औपचारिकताएं और अनुमतियां एक ही जगह से प्राप्त की जा सकती हैं। इस सुविधा से आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी और आसान हो जाएगी।

    योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण, तकनीकी परामर्श और मार्केटिंग सहयोग भी प्रदान करेगी। इसके तहत फीड, टीकाकरण, उत्पादन तकनीक और विपणन नेटवर्क के क्षेत्र में भी राज्य सरकार की ओर से मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    इसके अलावा, सरकार ने घोषणा की है कि पोल्ट्री फार्मों के लिए बिजली की दरों में विशेष रियायत दी जाएगी। यह कदम उत्पादन लागत को कम करने में मदद करेगा। वर्तमान समय में बिजली बिल पोल्ट्री व्यवसायियों के लिए सबसे बड़ा खर्च साबित होता है। ऐसे में योगी सरकार का यह निर्णय उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा और व्यवसाय को टिकाऊ बनाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में मांस और अंडे की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन स्थानीय उत्पादन अभी भी अपेक्षाकृत कम है। योगी सरकार की यह योजना न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि राज्य को पोल्ट्री उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।

    पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार का उद्देश्य आने वाले वर्षों में राज्य में 10 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है। पोल्ट्री उद्योग को संगठित रूप देने से न केवल ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि इससे महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी, क्योंकि मुर्गी पालन ऐसा व्यवसाय है जिसे कम पूंजी में और छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है।

    योगी आदित्यनाथ सरकार का यह फैसला इस बात का उदाहरण है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, बल्कि यह कृषि आधारित उद्योगों और ग्रामीण उद्यमिता के विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार की नीतियां किसानों, पशुपालकों और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती हैं।

    राज्य के आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह योजना प्रभावी ढंग से लागू हुई, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश का अग्रणी पोल्ट्री उत्पादन केंद्र बन सकता है।

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