इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति अपनी गहरी निष्ठा और सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे किसी भी स्थिति में एनडीए का साथ नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा —
“मैं प्रधानमंत्री मोदी जी से थोड़ा ज़्यादा प्यार करता हूँ। जब तक मेरे प्रधानमंत्री हैं, मैं कहीं नहीं जा रहा।”
यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले दिए गए उनके ANI पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान आया, जिसने एनडीए खेमे में उत्साह और भरोसा दोनों बढ़ाया है।
चिराग पासवान जी ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने विश्व स्तर पर नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा —
“मेरे प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश ने जो विकास देखा है, वह अभूतपूर्व है। वे न केवल एक दूरदर्शी नेता हैं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के दिलों में प्रेरणा हैं। जब तक वे हैं, मैं पूरी निष्ठा से उनके साथ खड़ा रहूँगा।”
चिराग जी ने पीएम मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र को अपनी राजनीतिक यात्रा की प्रेरणा बताया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे एनडीए में सिर्फ़ नरेंद्र मोदी जी की वजह से हैं, तो चिराग ने मुस्कुराते हुए कहा —
“ऑफ कोर्स। एनडीए मेरा परिवार है, और मेरे प्रधानमंत्री जी इसका हृदय हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि वे भाजपा और एनडीए के साथ न केवल राजनीतिक रूप से, बल्कि भावनात्मक रूप से भी जुड़े हुए हैं।
चिराग पासवान जी ने कहा कि उनका उद्देश्य बिहार को एक “नया, विकसित और आत्मनिर्भर” राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के सहयोग से बिहार में विकास की गंगा बह रही है और आने वाले वर्षों में इसका स्वरूप और बदलने वाला है।
“बिहार के युवाओं को अवसर देने, उद्योग लाने और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने का सपना हम प्रधानमंत्री जी के साथ मिलकर पूरा करेंगे,” — उन्होंने जोड़ा।
चिराग पासवान जी ने अपने पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान जी के आदर्शों को याद करते हुए कहा —
“मैं रामविलास पासवान जी का बेटा हूँ। जिन्होंने उनके राजनीति को देखा, जानते हैं कि वे सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करते थे। वही मूल्य मेरे भीतर हैं। उन्होंने कभी चुनाव के बाद गठबंधन नहीं बदला, और मैं भी वही करूंगा।”
उनके इस बयान ने साफ़ कर दिया कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अपने मूल विचारों और नैतिकता पर अडिग है।
लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। उस समय पार्टी ने एनडीए के साथ मिलकर राजनीति की शुरुआत की। 2004 में पार्टी यूपीए में शामिल हुई, लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए में लौटना एलजेपी के लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
रामविलास पासवान जी उस समय केंद्र में मंत्री रहे और नरेंद्र मोदी जी के मंत्रिमंडल में उन्होंने विकास के कई बड़े प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया।
2020 में पिता के निधन के बाद चिराग पासवान जी ने पार्टी की कमान संभाली और युवा नेतृत्व का चेहरा बनकर उभरे। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ा, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रति सम्मान बनाए रखा।
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने पुनः एनडीए में वापसी की और उनकी पार्टी ने बिहार की सभी 5 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। इससे यह साबित हुआ कि जनता उनके नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी जी के विज़न पर भरोसा करती है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या चुनाव परिणामों के बाद वे किसी अन्य गठबंधन की ओर झुक सकते हैं, तो उन्होंने दृढ़ता से कहा —
“मेरे प्रधानमंत्री मोदी जी के रहते मैं कहीं नहीं जा रहा। जिनके साथ मैंने राजनीतिक यात्रा शुरू की है, उसी के साथ रहना मेरा कर्तव्य है।”
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य सत्ता नहीं, सेवा है।
“मैं राजनीति में केवल सत्ता के लिए नहीं हूँ। मैं जनता की सेवा और देश के विकास के लिए हूँ, और इस दिशा में मेरे प्रधानमंत्री जी सबसे बड़े प्रेरक हैं।”
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी जी और चिराग पासवान जी के बीच आपसी सम्मान और विश्वास का रिश्ता एनडीए की ताकत है।
दोनों नेताओं का फोकस विकास, युवाओं की भागीदारी और राष्ट्रीय एकता पर है।
यह भी माना जा रहा है कि बिहार की राजनीति में चिराग पासवान जी अब एनडीए के युवा चेहरा बन चुके हैं — जो न केवल नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी जी के विकास एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
चिराग पासवान जी का बयान —
“मैं प्रधानमंत्री मोदी जी से थोड़ा ज़्यादा प्यार करता हूँ।”
केवल एक भावनात्मक वक्तव्य नहीं, बल्कि एनडीए की एकजुटता और भरोसे का संदेश है।








