सफलता केवल मुनाफ़े से नहीं मापी जाती…
वह मापी जाती है भरोसे से,
ईमानदारी से
और उस सोच से —
जो कहती है,
“जब व्यवसाय सेवा बन जाए, तभी वह सच-मुच सफल होता है।”
रीसील.इन प्रस्तुत कर रहा है ‘यशोस्तुते’,
एक प्रेरणादायी मंच —
जहाँ भारत के उन कर्मठ उद्यमियों की कहानियाँ सामने आती हैं,
जिन्होंने साधारण शुरुआत को
असाधारण पहचान में बदला।
“Real Stories | Real Struggles | Real Growth”
इस विचारधारा के साथ
‘यशोस्तुते’ आज समाज और युवा पीढ़ी के लिए
प्रेरणा का सशक्त माध्यम बन चुका है।
राजघराणा कपड़ा केंद्र, चिखली के मुख्य संचालक
श्री प्रवीण विष्णु पडघान
एक किसान परिवार से निकलकर,
मेहनत, सादगी और मूल्यों के सहारे
टेक्सटाइल व्यवसाय में
विश्वास का बड़ा नाम बन चुके उद्यमी।
30 अगस्त 1975 को जन्मे,
मूल निवासी मेरा बुद्रुक (Mera Bk.),
और वर्तमान में चिखली, ज़िला बुलढाणा में कार्यरत
प्रवीण पडघान की यात्रा
1999 में एक 10×10 के किराये की दुकान से शुरू हुई थी।
1999 से शुरू हुआ यह सफ़र
आज राजघराणा कपड़ा केंद्र के
भव्य शोरूम तक पहुँच चुका है।
शुरुआती दौर में —
परिवहन की सुविधा नहीं,
ग्राहकों की पहुँच सीमित,
और बाज़ार मुख्य प्रवाह से दूर।
लेकिन प्रवीण पडघान ने अपनाया
एक सरल लेकिन प्रभावी सूत्र —
“Low Profit, High Sales”।
कम मुनाफ़ा, ज़्यादा बिक्री
और ग्राहकों से पूरी ईमानदारी —
यही उनकी सबसे बड़ी ताक़त बनी।
स्थानीय बाज़ार तक सीमित न रहते हुए,
उन्होंने सूरत, अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली
जैसे टेक्सटाइल हब से
सीधे कपड़े ख़रीदने की शुरुआत की।
इसका लाभ सीधा ग्राहकों तक पहुँचा —
बेहतर क्वालिटी
और किफ़ायती दाम।
29 अप्रैल 2009 को
स्वयं की जगह में
राजघराणा कपड़ा केंद्र का शुभारंभ
उनके जीवन का एक ऐतिहासिक पड़ाव रहा।
पिछले तीन वर्षों से
महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में
किलो के हिसाब से सस्ते दामों में ब्लैंकेट उपलब्ध कराने
का उनका अभिनव उपक्रम
हज़ारों ज़रूरतमंदों के लिए राहत बना।
यही नहीं —
घरगुती व्यवसाय करने वाली महिलाओं को
Wholesale Price में Retail बिक्री
के माध्यम से
स्वरोज़गार का अवसर भी मिला।
2005 से
‘आर्ट ऑफ़ लिविंग’ के योग शिक्षक के रूप में भी सक्रिय,
प्रवीण पडघान मानते हैं —
“सच्चा आनंद बाहर नहीं,
सेवा, साधना और सत्संग में है।”
यही सोच
आज उनके व्यावसायिक दर्शन की
मज़बूत नींव है।
2025 का वर्ष
प्रवीण पडघान के लिए अविस्मरणीय रहा —
🥇 महाराष्ट्र उद्योजकता पुरस्कार – 2025
🥇 इंडियन आइकॉन अवॉर्ड – 2025
🥇 भारत उद्योजक पुरस्कार – दिल्ली (3 अगस्त 2025)
— टेक्सटाइल क्षेत्र में
पूरे भारत से चुना गया
एकमात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि का उद्यमी।
आने वाले समय में
पूरे महाराष्ट्र में
राजघरणा कपड़ा केंद्र की फ्रैंचाइज़ी
शुरू करने का लक्ष्य —
ताकि
कम दाम में, बेहतर कपड़ा
हर आम आदमी तक पहुँच सके।
प्रवीण विष्णु पडघान की कहानी बताती है कि —
जब व्यापार
ईमानदारी और सेवा से जुड़ जाए,
तब वह केवल आजीविका नहीं,
बल्कि समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।
‘यशोस्तुते’
जल्द ही
रीसील अवॉर्ड्स के YouTube चैनल
और www.yashostute.com पर।








