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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने राज्य के स्थानीय भाजपा इकाइयों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि कांग्रेस या ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (AIMIM) के साथ किसी भी तरह का गठबंधन अस्वीकार्य होगा और उसके खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
यह बयान तब आया है जब अंबरनाथ और अकोट नगर परिषदों में भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं ने चुनावी परिणाम के बाद कांग्रेस और AIMIM के साथ post-poll गठबंधन किया। इन गठबंधनों के ज़रिए भाजपा ने सत्तापरिषद बनाने की कोशिश की, लेकिन राज्य नेतृत्व इसे अनुशासन का उल्लंघन मान रहा है।
फड़णवीस ने कहा है,
“मैं यह स्पष्ट कर देता हूँ कि कांग्रेस या AIMIM के साथ कोई भी गठबंधन स्वीकार्य नहीं होगा। यदि किसी स्थानीय नेता ने अपने मन से ऐसा निर्णय लिया है, तो यह पार्टी अनुशासन के लिहाज़ से गलत है और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”
उन्होने यह भी कहा कि ऐसे गठबंधन उच्च नेतृत्व की मंज़ूरी के बिना बनाए गए हैं, इसलिए उन्हें तुरंत समाप्त करना होगा।
राज्य में दिसंबर 2025 में हुए निकाय चुनावों के परिणामों के बाद, भाजपा ने अंबरनाथ में कांग्रेस और NCP के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ नाम से नेतृत्व बनाया और अकोट में AIMIM समेत अन्य दलों के साथ स्थानीय समझौता किया गया।
मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में अनुशासन बार-बार चर्चा में है और राज्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कोई गठबंधन भाजपा के राष्ट्रीय और राज्य स्तर नीति सिद्धांतों के ख़िलाफ़ हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम स्थानीय राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की छवि के बीच भ्रांति भी उजागर करता है, खासकर तब जब भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर “कांग्रेस-मुक्त भारत” जैसे नारे देती रही है।








