इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के निकाय चुनावों के दौरान राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने मतदाताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी उंगली पर लगाई गई स्याही (indelible ink) को मिटाने की कोशिश करता है तो वह फिर से मतदान नहीं कर पाएगा और इस तरह का प्रयास चुनावी गड़बड़ी माना जाएगा। इस चेतावनी का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक अखंडता को बनाए रखना है।
मतदान के बाद लगाया जाने वाला स्याही निशान यह संकेत देता है कि व्यक्ति ने पहले ही अपना वोट डाल दिया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्याही मिट जाने पर भी मतदान रिकॉर्ड maintained रहता है, जिससे कोई भी व्यक्ति दूसरी बार वोट नहीं डाल सकता। संगठित तरीके से स्याही हटाने के प्रयास को मतदाताओं में भ्रम फैलाने वाली गतिविधि माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा
राज्य चुनाव आयोग ने यह भी बताया है कि स्याही लगाने और रिकॉर्ड रखने का तरीका संवैधानिक रूप से सुरक्षित है, और इसके पीछे उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति एक से अधिक बार वोट न कर सके। आयोग ने सभी मतदान कर्मियों को इस बात के लिए सावधान रहने के निर्देश दिए हैं और चुनाव मानकों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है।
विवाद और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
चुनाव के दौरान स्याही हटने को लेकर कुछ राजनीतिक बयानबाज़ियाँ और आलोचनाएँ भी सामने आई हैं, जिसमें विदारक मतदाता चिंता जता रहे हैं कि मार्कर पेन से लगाई गई स्याही हाथ से आसानी से हट सकती है। आलोचकों का कहना है कि इससे मतदाता सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि स्याही हटने पर भी पुनः मतदान असंभव है और सुरक्षा उपाय पहले से लागू हैं।








