इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए संवाद बढ़ाने पर सहमति जतायी है। इसके तहत दोनों पक्षों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), महत्वपूर्ण खनिज (critical minerals) और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय 18वीं भारत‑जापान रणनीतिक संवाद के दौरान लिया गया, जिसकी अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने की।
वार्ता के मुख्य बिंदुओं में AI पर एक नई बातचीत की शुरुआत और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों तथा महत्वपूर्ण खनिजों पर संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) गठित करने का निर्णय शामिल है। इससे दोनों देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक सुरक्षात्मक रिश्तों को और मजबूत किया जायेगा।
दोनों पक्षों ने आर्थिक सुरक्षा पहल के तहत सार्वजनिक‑निजी भागीदारी संवाद आयोजित करने की भी सहमति दी, जिससे निजी क्षेत्र और सरकार के बीच सहयोग में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा, स्वास्थ्य और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर भी विचार किया गया।
भारत और जापान ने Quad, G20 और G4 जैसे बहुपक्षीय मंचों में भी सहयोग को प्राथमिकता देने का इरादा व्यक्त किया, ताकि वैश्विक आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना किया जा सके।
विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को अधिक व्यापक और टिकाऊ बनाएगा, खासकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं, तकनीकी नवाचार और आर्थिक सुरक्षा की चुनौतियों के दौर में।








