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राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
राजस्थान की राजधानी जयपुर में महान समाज सुधारक एवं नारी शिक्षा के अग्रदूत Mahatma Jyotiba Phule की जयंती के अवसर पर श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने जयपुर के बाईस गोदाम स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन और उनके द्वारा किए गए समाज सुधार कार्यों को स्मरण करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फुले जी ने अपने समय में शिक्षा, विशेष रूप से महिला शिक्षा के क्षेत्र में जो क्रांतिकारी कार्य किए, वे आज भी प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा फुले का संपूर्ण जीवन सामाजिक समानता, न्याय और शिक्षा के प्रसार के लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, भेदभाव और असमानता के खिलाफ संघर्ष किया और एक समतामूलक समाज की स्थापना के लिए अथक प्रयास किए।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में महात्मा फुले के विचारों को अपनाना और उन्हें व्यवहार में लाना अत्यंत आवश्यक है। उनके सिद्धांत हमें एक प्रगतिशील, समावेशी और समान अवसर वाले समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों और नागरिकों ने भी महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान उनके विचारों और योगदान को लेकर चर्चा की गई और समाज में उनके संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि महात्मा फुले जैसे महान व्यक्तित्वों की जयंती केवल एक स्मरण का अवसर नहीं होती, बल्कि यह समाज को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देने का माध्यम भी होती है। उनके विचार आज भी शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में मार्गदर्शक बने हुए हैं।
जयपुर में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने भी इस अवसर पर उन्हें याद करते हुए उनके योगदान को सराहा।
अंततः, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले को दी गई यह श्रद्धांजलि न केवल उनके प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह समाज को उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश भी देती है। यह पहल समाज में समानता, शिक्षा और प्रगति की भावना को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








