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राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
विश्व विरासत दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राजस्थान की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की विरासत न केवल प्रदेश की पहचान है, बल्कि यह हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है, जिसे संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि राजस्थान विश्वभर में अपनी भव्य स्थापत्य कला, ऐतिहासिक किलों, महलों और सांस्कृतिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है। हवा महल, सिटी पैलेस, आमेर किला, जंतर-मंतर, कुम्भलगढ़ और चित्तौड़गढ़ जैसे धरोहर स्थल न केवल पर्यटन का आकर्षण हैं, बल्कि ये हमारी गौरवशाली परंपरा और इतिहास के जीवंत प्रतीक भी हैं।
उन्होंने कहा कि विरासत केवल इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का प्रतिबिंब है। इसे संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना हम सभी का साझा दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार विरासत संरक्षण, संवर्धन और पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। विरासत स्थलों के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे राजस्थान को विश्व पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त पहचान मिल सके।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस अवसर पर संकल्प लें कि ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखेंगे, उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाएंगे और जिम्मेदार पर्यटक की भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने ‘पधारो म्हारे देश’ की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान अपनी विरासत के बल पर देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता रहेगा और पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।








