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पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद Sanjay Raut ने भारतीय जनता पार्टी के वैचारिक प्रेरणास्रोत Syama Prasad Mukherjee को लेकर विवादित टिप्पणी की है, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा, “मुझे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में सच बोलने के लिए मजबूर मत कीजिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि मुखर्जी का इतिहास विवादों से जुड़ा रहा है और उनका संबंध ब्रिटिश शासन से रहा है। राउत के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
राउत ने यह भी दावा किया कि कोलकाता में मुस्लिम लीग की सरकार के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उसमें भागीदारी की थी और स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि उनके इतिहास को सामने लाया गया, तो कई चौंकाने वाली बातें उजागर हो सकती हैं।
अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए राउत ने आरोप लगाया कि कलकत्ता विश्वविद्यालय में यूनियन जैक को सलामी देने के लिए छात्रों पर दबाव बनाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में राष्ट्रवाद की परिभाषा बदल दी गई है।
इसी दौरान राउत ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है और चुनाव परिणामों के साथ ही शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। उनके अनुसार, रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है, जो अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकेत है।
राउत ने कहा कि नेताओं को सच बोलने की आदत डालनी चाहिए और जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और फैसलों पर भी सवाल उठाए।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, और इस तरह के बयान आने वाले समय में और भी सियासी विवाद को जन्म दे सकते हैं।








