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  • नसरापुर कांड: दो मामलों में बरी होने के बाद आरोपी ने छोड़ा मोबाइल, जांच में बड़ी बाधा

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    महाराष्ट्र के पुणे जिले के नसरापुर में हुई दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोपी 65 वर्षीय भीमराव कांबळे को लेकर जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।

    पुलिस जांच में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि आरोपी ने पहले दो मामलों में बरी होने के बाद जानबूझकर मोबाइल फोन का उपयोग बंद कर दिया था। आज के दौर में किसी भी अपराध की जांच में मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और लोकेशन ट्रैकिंग बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में आरोपी द्वारा मोबाइल का इस्तेमाल न करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आमतौर पर किसी भी केस में सबसे पहले आरोपी का मोबाइल जब्त कर उसकी जांच की जाती है और साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाते हैं। लेकिन इस मामले में आरोपी के पास मोबाइल नहीं होने के कारण जांच एजेंसियों को केवल सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे जांच की गति और दिशा प्रभावित हुई है।

    इसी बीच आरोपी की मेडिकल जांच पुणे के ससून अस्पताल में पूरी कर ली गई है। पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि आरोपी की मानसिक और शारीरिक स्थिति से जुड़ी रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत की जाए, ताकि जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। टीम ने गवाहों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं और घटनास्थल से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने कई सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सबूत भी कब्जे में लिए हैं।

    आरोपी भीमराव कांबळे को अदालत ने 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जहां उससे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में ठोस सबूतों के साथ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

    इस घटना के सामने आने के बाद पूरे महाराष्ट्र में आक्रोश फैल गया है। सोलापुर समेत कई शहरों में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर इस जघन्य अपराध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लोगों की मांग है कि आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, यहां तक कि फांसी की सजा देने की भी मांग उठ रही है।

    सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि पहले के मामलों में आरोपी के बरी होने से उसका मनोबल तो नहीं बढ़ा?

    फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ मजबूत केस तैयार करने में जुटी है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

    नसरापुर की यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है, जो यह बताती है कि सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है।

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