रणजीत कुमार | पटना, बिहार | समाचार वाणी न्यूज़
पटना में बेरोजगार नौजवानों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जहानाबाद के काको मोड़ पर भाकपा माले, इंकलाबी नौजवान सभा और आइसा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिहार पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
संगठनों के नेताओं ने कहा कि नौकरी की मांग को लेकर पटना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार युवाओं पर पुलिस ने बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में कई छात्र और नौजवान घायल हुए, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आईं। प्रदर्शन में शामिल लड़कियों के साथ भी कथित रूप से मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सैकड़ों युवाओं को हिरासत में लिया है और 5000 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। संगठनों ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुतला दहन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि भाजपा-जदयू सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है और अब आंदोलन करने वालों पर पुलिसिया दमन कर रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार शोषित और वंचित वर्गों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
सभा में वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था और रोजगार नीति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में सीटों की कटौती, फीस वृद्धि और शिक्षा के निजीकरण से गरीब एवं वंचित तबकों के छात्रों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। साथ ही कैंपस में सांप्रदायिक माहौल बनाने का आरोप भी लगाया गया।
नेताओं ने कहा कि रोजगार के अभाव में बिहार के युवा दूसरे राज्यों में काम करने को मजबूर हैं, लेकिन वहां भी उन्हें असुरक्षा और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने टीआरई-4 शिक्षक बहाली प्रक्रिया को जल्द पूरा कर नियुक्तियां देने की मांग की।
सभा को भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य रविंद्र यादव, इंकलाबी नौजवान सभा के जिला संयोजक डॉ. धनंजय कुमार, जोगिंदर यादव, वितन मांझी, विनोद कुमार भारती, अरुण बिंद, प्रभात कुमार, उदय पासवान, सतीश चौधरी, नीतीश कुमार, मिठ्ठू विश्वकर्मा, विजय कुमार बिंद और प्रमोद कुमार समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।








