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पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता एवं विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। अब इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ की हत्या के लिए बिहार से दो पेशेवर शार्प शूटर्स बुलाए गए थे और इस हत्या के पीछे 30 से 40 लाख रुपये की सुपारी दिए जाने की आशंका जताई जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह हत्या पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई। पुलिस का मानना है कि हमलावर कई दिनों से चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और रेकी के बाद ही वारदात को अंजाम दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी साजिश में स्थानीय अपराधियों की भी भूमिका हो सकती है। एक स्थानीय बदमाश ने कथित तौर पर बिहार से आए शूटर्स के ठहरने, आने-जाने और गाड़ियों की व्यवस्था की थी। जांचकर्ताओं को शक है कि हत्या के बाद आरोपी कोलकाता एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़कर फरार होने की तैयारी में थे। इसके लिए उनके पास नकली पहचान पत्र भी हो सकते हैं।
यह वारदात बुधवार रात करीब 10 बजे हुई, जब चंद्रनाथ रथ अपनी कार से मध्यमग्राम चौमाथा से जेसोर रोड होते हुए दोहरिया इलाके की ओर लौट रहे थे। बारिश के कारण सड़क पर पानी जमा होने से उनकी कार की रफ्तार धीमी हो गई। इसी दौरान बाइक सवार हमलावर उनकी कार के करीब पहुंचे और बेहद नजदीक से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
घटनास्थल के पास लगे CCTV कैमरों में संदिग्ध गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। फुटेज में कथित तौर पर दिख रहा है कि एक सफेद स्कॉर्पियो कुछ देर के लिए रुकी थी और उसके तुरंत बाद हेलमेट पहने दो युवक बाइक पर तेजी से वहां से गुजरते दिखाई दिए। लगभग 45 सेकंड बाद गोलीबारी की घटना हुई।
पुलिस और CID को शक है कि चंद्रनाथ रथ की दिनचर्या और मूवमेंट की जानकारी किसी करीबी व्यक्ति द्वारा लीक की गई थी। SIT इस एंगल से भी जांच कर रही है कि अंदरूनी जानकारी के आधार पर ही हमलावरों ने इतनी सटीक योजना बनाई।
जांच एजेंसियों ने पिछले पांच दिनों के कई CCTV फुटेज खंगाले हैं, जिनमें कथित तौर पर हमलावरों द्वारा चंद्रनाथ की कार का पीछा करते हुए देखा गया है। बेलघरिया एक्सप्रेसवे और बारासात इलाके से भी कई अहम फुटेज मिले हैं।
फोरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से खून और अन्य साक्ष्यों के नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई एक बाइक बरामद कर ली है। शुरुआती जांच में पता चला है कि बाइक बिधाननगर स्थित एक पुराने वाहन शोरूम के बाहर से चोरी की गई थी और उसके इंजन व चेसिस नंबर से छेड़छाड़ की गई थी।
एक अन्य बाइक का नंबर सिलीगुड़ी निवासी के नाम पर दर्ज मिला है, लेकिन जांच में पता चला कि उस पते पर रहने वाले व्यक्ति को इस नाम के किसी शख्स की जानकारी नहीं है। इससे फर्जी पहचान और नकली दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका और मजबूत हो गई है।
फिलहाल पुलिस, CID और फोरेंसिक टीमें संयुक्त रूप से मामले की जांच में जुटी हैं। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, जिनमें एक महिला भी शामिल बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।








