राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
जोधपुर: राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी जोधपुर में आज एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व उपराष्ट्रपति श्रद्धेय भैरोंसिंह शेखावत ‘बाबोसा’ की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि भैरोंसिंह शेखावत का जीवन सादगी, ईमानदारी, जनसेवा और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण था। उन्होंने कहा कि बाबोसा ने हमेशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का प्रयास किया और राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका शुचितापूर्ण जीवन आज भी नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि भैरोंसिंह शेखावत ने राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने गरीब, किसान, मजदूर और आमजन के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबोसा का व्यक्तित्व सरल होने के साथ-साथ दूरदर्शी भी था, जिसके कारण वे जनता के दिलों में आज भी विशेष स्थान रखते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भैरोंसिंह शेखावत को भारतीय राजनीति का महान व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि बाबोसा ने अपने संघर्ष, मेहनत और जनसेवा के बल पर देश की सर्वोच्च संवैधानिक जिम्मेदारियों में से एक उपराष्ट्रपति पद तक का सफर तय किया। उनका जीवन हर जनप्रतिनिधि और युवा के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोधपुर की पावन धरा पर स्थापित यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को भैरोंसिंह शेखावत के आदर्शों, राष्ट्रप्रेम और लोकसेवा की भावना की याद दिलाती रहेगी। उन्होंने कहा कि बाबोसा ने सदैव लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया।
इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़, विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंत में कहा कि राजस्थान सरकार भैरोंसिंह शेखावत के आदर्शों पर चलते हुए प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।








