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अलिबाग की रहने वाली Mrs. Snehal Milind Mhatre, आज “Jiza Jewelry Collection” के माध्यम से पारंपारिक मराठी ज्वेलरी को नई पहचान देने का काम कर रही हैं। एक समय IT Engineer और Professor के रूप में करियर बनाने वाली स्नेहल ने 2020 में अपने बच्चे के लिए नौकरी छोड़ दी,और वहीं से शुरू हुआ खुद को फिर से खोजने का सफर|
जहां कई लोग नौकरी छोड़ने के बाद खुद को सीमित कर लेते हैं, वहीं स्नेहल ने अपने भीतर छिपे हुनर और जुनून को पहचानकर उसे एक सफल ब्रांड में बदल दिया। आज “Jiza Jewelry Collection” केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि मराठी संस्कृति, परंपरा और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुका है।
दागिनों के शौक से शुरू हुवा नया सफर
स्नेहल को बचपन से ही पारंपारिक दागिनों का शौक था। लेकिन उन्होंने केवल शौक तक खुद को सीमित नहीं रखा।
उनके मन में एक सपना था कि मराठी संस्कृति और पारंपारिक मिट्टी से जुड़े दागिनों को आधुनिक रूप देकर हर महिला तक पहुंचाया जाए।
इसी सोच के साथ उन्होंने वर्ष 2020 में Handmade Jewellery का कोर्स किया। हमारे पारंपारिक गहनों का इतिहास, उनसे जुड़ी परंपराएँ और उनका महत्व समझा…
और जन्म हुआ — “जिजा ज्वेलरी कलेक्शन” का।
घर से शुरू हुआ ऑनलाइन बिजनेस
शुरुआत में स्नेहल ने अपने घर से ही ऑनलाइन ज्वेलरी बिक्री शुरू की। उन्होंने मराठी पारंपारिक दागिनों को आधुनिक डिजाइन और आकर्षक फिनिश के साथ तैयार करना शुरू किया।
उनके कलेक्शन में शामिल हैं:
नथ
बुगडी
कुडी
झुबे
तन्मणी
कोल्हापुरी साज
जोंधळेमणी
बाजूबंद
दोरलं
मंगलसूत्र
चिंचपेटी
चोकर
साड़ी पिन
खोपा
बांगड़ियां
इन सभी पारंपारिक दागिनों को उन्होंने आधुनिक अंदाज में तैयार कर महिलाओं के बीच लोकप्रिय बना दिया।
प्रदर्शनो से मिली नई पहचान
साल 2023 में “गंधर्व” और “पलावा कार्निवल” से उनकी प्रदर्शनी यात्रा शुरू हुई। इसके बाद “Morya Events”, “घे भरारी”, “कसबा” और “कस्तूरी” जैसे बड़े प्रदर्शनियों तक “Jiza Jewelry Collection” पहुंच गया।खासकर “Morya Events “और सुनीता मैडम की वजह से “जिजा” को एक नई पहचान मिली|
आज अपना स्टूडियो, अपनी पहचान
आज “Jiza Jewelry Collection” का अपना एक खूबसूरत स्टूडियो है, जिसे पूरी तरह पारंपारिक स्पर्श के साथ तैयार किया गया है। यहां आने वाली महिलाएं न केवल खरीदारी करती हैं, बल्कि मराठी संस्कृति की अनुभूति भी महसूस करती हैं।
आज कई महाराष्ट्रीयन नववधुएं शादी के लिए “जिजा” के दागिनों को पसंद करती हैं। हर बार कुछ नया बनाने की कोशिश की और हर चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया|
यही “जिजा” का असली गहना बन गया।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल
स्नेहल का मानना है कि व्यवसाय केवल कमाई का माध्यम नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज को भी आगे बढ़ाना चाहिए। इसी सोच के साथ महिलाओं को काम देकर
उनके हाथों को पहचान और आत्मविश्वास देने का प्रयास भी है जो “जिजा” ने किया।आज कई महिलाएं “Jiza Jewelry Collection” के साथ जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
महाराष्ट्र से विदेशों तक पहुंची ‘जिजा’
आज “Jiza Jewelry Collection” केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है। घाऊक बिक्री के माध्यम से यह ब्रांड कर्नाटक तक पहुंच चुका है। वहीं YouTube ब्लॉग्स और सोशल मीडिया के जरिए दुबई और अमेरिका से भी ऑर्डर्स आने लगे हैं।
कई मराठी अभिनेत्रियों ने भी “जिजा” के दागिनों को पसंद किया और इस ब्रांड को सराहा।
संघर्ष भी आए, लेकिन कदम नहीं रुके
स्नेहल के इस सफर में चुनौतियां भी कम नहीं थीं। कई लोगों ने सवाल उठाए —
“Engineer होकर दागिने क्यों बेचती हो?”
लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनका लक्ष्य स्पष्ट था और उन्होंने अपने सपनों के लिए लगातार मेहनत की।
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
स्नेहल अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देती हैं। उनके पति का मजबूत सहयोग, 5 साल के बेटे का अपनी माँ के साथ 12–15 घंटे तक मेहनत के लिए एक ही जगह पर चुपचाप बैठे रहना ये सफर की सबसे बड़ी ताकत बन गया।, माँ-पापा वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद अपनी उम्र से ज्यादा मेहनत करते रहे और अनिता वहिनी ने घर संभाला,तभी स्नेहल अपने सपनों के लिए घर से बाहर निकल पाई। सबसे बड़ा योगदान सुनीता मॅडम का है उन्हाने दिया अवसर और मार्गदर्शन — इन सबने मिलकर “जिजा” को आज इस मुकाम तक पहुंचाया।
भविष्य का सपना
आज भी स्नेहल का सपना खत्म नहीं हुआ है। उनका लक्ष्य है कि “Jiza Jewelry Collection” को भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में एक खास पहचान मिले और मराठी संस्कृति का यह खूबसूरत वारसा हर घर तक पहुंचे।
उनका मानना है —
“अगर सपना अपना हो, मेहनत सच्ची हो और परिवार का साथ हो, तो एक साधारण लड़की भी अपना ब्रांड खड़ा कर सकती है।”
आखिर में कुछ खास
हाथों में कला, मन में जिद्द
और संस्कृति से जुड़ाव था|
इसलिए एक साधारण लड़की की
‘जिजा’ नाम की पहचान बन रही थी|
सफर अभी बाकी है,
सपना अभी और बड़ा है|
क्योंकि हर मराठी स्त्री की सुंदरता में
‘जिजा’ का गहना चमकाना है…”|
— स्नेहल मिलिंद म्हात्रे
Founder : Jiza Jewelry Collection








