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वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने विदेशी निवेशकों (Foreign Investors) को भारतीय सरकारी बॉन्ड में किए जाने वाले निवेश से प्राप्त आय पर कर (Tax) में राहत देने की घोषणा की है।
सरकार द्वारा जारी नए अध्यादेश के तहत कुछ श्रेणी के विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में निवेश से होने वाली आय पर कर छूट प्रदान की जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य विदेशी निवेश को आकर्षित करना और भारतीय वित्तीय बाजारों में पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देना है।
हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखी जा रही है। ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक निवेशकों की बदलती रणनीतियों के बीच भारत सरकार अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
केंद्र सरकार ने आयकर कानून में संशोधन करते हुए अनुसूची-4 में नई प्रावधानों को शामिल किया है। इसके तहत धारा 13D और 13E जैसी नई व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं, जिनके माध्यम से पात्र विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड से होने वाली आय पर विशेष कर राहत का लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भारत में विदेशी निवेश बढ़ेगा और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। साथ ही इससे देश के वित्तीय बाजारों को अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध होगी, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कर ढांचे को अधिक प्रतिस्पर्धी और निवेशक-अनुकूल बनाना आवश्यक है। इसी दिशा में यह कदम एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में विदेशी पूंजी निवेश भारत की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे रुपये की मजबूती, सरकारी उधारी की लागत में कमी और निवेश माहौल में सुधार जैसे सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
केंद्र सरकार लगातार ऐसे उपायों पर काम कर रही है, जिनसे भारतीय अर्थव्यवस्था पर वैश्विक संकटों का प्रभाव कम हो और विकास की गति बरकरार रहे। विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने की यह नई नीति भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखने के लिए सरकार वित्तीय सुधारों और निवेश प्रोत्साहन से जुड़े विभिन्न कदम उठाती रही है। सरकारी बॉन्ड में निवेश पर कर राहत का यह निर्णय भी आर्थिक मजबूती और निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।








