मेवाड़ शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती एवं हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के पूर्व दिवस पर उदयपुर में आयोजित ‘हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतुःशती समारोह’ में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सहभागिता कर महाराणा प्रताप के अद्वितीय शौर्य, पराक्रम और स्वाभिमान को नमन किया। इस अवसर पर परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनका प्रेरणादायी उद्बोधन भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, त्याग, राष्ट्रभक्ति और अटूट स्वाभिमान की अमर प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी मातृभूमि, राष्ट्रहित और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए उनका संघर्ष प्रत्येक भारतीय को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी की पावन भूमि आज भी महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, अजेय संकल्प और मातृभूमि के प्रति समर्पण की गौरवगाथा सुनाती है। यह भूमि हर भारतीय को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा राजस्थान की डबल इंजन सरकार प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और गौरवपूर्ण विरासत के पुनर्स्थापन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप की अमर गाथा, उनके आदर्श और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र गौरव, स्वाभिमान, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति का मार्ग दिखाते रहेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने महाराणा प्रताप के शौर्य और बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।







