G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने युद्धग्रस्त क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रभावी ढंग से अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने उठाया। थरूर के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोल दिया।
शशि थरूर ने PM मोदी की पहल को बताया अहम
शशि थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक और निजी दोनों बैठकों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने भारत की चिंताओं को स्पष्ट रूप से रखा। उन्होंने विशेष रूप से युद्ध के दौरान व्यावसायिक जहाजों पर कार्यरत नागरिक नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
थरूर ने कहा कि युद्ध में नागरिक जहाजों पर कार्य कर रहे नाविक सैनिक नहीं होते, इसलिए उन्हें किसी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा भारत की प्राथमिकता है और प्रधानमंत्री ने यही संदेश अमेरिका को दिया।
कांग्रेस ने लगाया था सरकार पर आरोप
इससे पहले कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अमेरिका के साथ बैठक के दौरान उन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा सार्वजनिक रूप से नहीं उठाया, जिनकी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हमले में जान गई थी।
कांग्रेस ने सवाल किया था कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका से इस घटना पर न तो सार्वजनिक रूप से जवाब मांगा और न ही किसी प्रकार की खेद व्यक्त करने की मांग की।
BJP ने राहुल गांधी को घेरा
शशि थरूर के बयान के बाद BJP ने इसे कांग्रेस के भीतर मतभेद का संकेत बताते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा।
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और कूटनीतिक क्षमता की खुले तौर पर सराहना कर राहुल गांधी की राजनीति को बेनकाब कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब बात भारत के राष्ट्रीय हितों की होती है, तब प्रधानमंत्री मोदी सबसे आगे रहते हैं, जबकि राहुल गांधी लगातार सरकार की आलोचना करते रहते हैं।
G7 सम्मेलन में हुई थी मोदी-ट्रंप की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यह मुलाकात फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। करीब 16 महीनों बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली द्विपक्षीय बैठक थी।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी क्षेत्र, विशेषकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने रखी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लाखों भारतीय समुद्री क्षेत्र में कार्यरत हैं और उनकी सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
ट्रंप ने भी की थी मोदी की तारीफ
बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “कठोर वार्ताकार” (Tough Negotiator) और “गुड लुकिंग गाय” बताते हुए उनकी बातचीत की शैली की सराहना की थी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
शशि थरूर के बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। विपक्ष जहां सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा इसे प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक स्वीकार्यता और प्रभावी कूटनीति का उदाहरण बता रही है। ऐसे में G7 सम्मेलन की यह मुलाकात अब केवल विदेश नीति का नहीं, बल्कि घरेलू राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बनती नजर आ रही है।








