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  • ‘नमक इश्क का’ गाने से डर गई थीं रेखा भारद्वाज, सालों बाद बताया क्यों नहीं करना चाहती थीं यह सुपरहिट गाना

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    हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और यादगार आइटम सॉन्ग्स में शामिल ‘नमक इश्क का’ आज भी संगीत प्रेमियों की पहली पसंद बना हुआ है। फिल्म ‘ओमकारा’ का यह गाना बिपाशा बसु के शानदार डांस और रेखा भारद्वाज की दमदार आवाज के कारण आज भी उतना ही लोकप्रिय है, जितना रिलीज के समय था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस सुपरहिट गाने को गाने से पहले खुद रेखा भारद्वाज काफी घबराई हुई थीं।

    हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में रेखा भारद्वाज ने खुलासा किया कि शुरुआत में वह इस गाने को गाना ही नहीं चाहती थीं, क्योंकि उन्हें लगता था कि वह इसके बोल्ड अंदाज और भावनाओं के साथ न्याय नहीं कर पाएंगी।

    बोल्ड अंदाज वाला गाना गाने से थीं असहज

    रेखा भारद्वाज ने बताया कि उस समय तक उन्होंने ज्यादातर दर्द भरे, भावनात्मक और सॉफ्ट गाने ही गाए थे। उन्हें हमेशा लगता था कि उनकी आवाज इसी तरह के गीतों के लिए उपयुक्त है।

    जब संगीतकार और निर्देशक विशाल भारद्वाज ने उन्हें ‘नमक इश्क का’ गाने के लिए कहा, तो वह काफी असहज महसूस करने लगीं। उन्हें लगा कि इस तरह का चुलबुला और बोल्ड गाना गाना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा।

    विशाल भारद्वाज ने दिलाया भरोसा

    रेखा ने बताया कि विशाल भारद्वाज अक्सर अपने बनाए नए गाने सबसे पहले उनसे गवाते थे ताकि उन्हें गाने की प्रस्तुति को लेकर नया दृष्टिकोण मिल सके।

    ‘नमक इश्क का’ की रिकॉर्डिंग के दौरान भी उन्होंने रेखा से सिर्फ ट्रायल के तौर पर गाने को गाने के लिए कहा। जैसे ही रेखा ने इसे गाया, कुछ ऊंचे सुर अपने आप निकल आए। उस समय ये हाई नोट्स गाने का हिस्सा नहीं थे, लेकिन विशाल भारद्वाज को यह अंदाज इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत उसे अपने फोन में रिकॉर्ड कर लिया।

    बाद में यही हाई नोट्स इस गाने की सबसे बड़ी पहचान बन गए।

    गाने का बदलता सुर बना सबसे बड़ी चुनौती

    रेखा भारद्वाज ने बताया कि इस गीत की सबसे बड़ी चुनौती इसका लगातार बदलता हुआ सुर और अंदाज था।

    उन्होंने कहा कि पूरे गाने में कई जगह भाव, आवाज और लय बदलती रहती है, जिससे इसे गाना बेहद कठिन हो जाता है। चूंकि उन्हें इस तरह के गाने गाने का पहले कोई अनुभव नहीं था, इसलिए शुरुआत में उन्होंने विशाल भारद्वाज से साफ कह दिया था कि वह यह गाना नहीं गा पाएंगी।

    आखिरकार स्वीकार किया चैलेंज

    हालांकि विशाल भारद्वाज ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और भरोसा दिलाया कि वह इस गाने को बेहतरीन तरीके से गा सकती हैं।

    रेखा ने आखिरकार इस चुनौती को स्वीकार किया और पूरे समर्पण के साथ गाने की रिकॉर्डिंग पूरी की। रिलीज के बाद ‘नमक इश्क का’ जबरदस्त सुपरहिट साबित हुआ और रेखा भारद्वाज की आवाज को भी खूब सराहना मिली।

    आज भी है सबसे यादगार गीतों में शामिल

    फिल्म ‘ओमकारा’ का यह गीत आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय गानों में गिना जाता है। रेखा भारद्वाज का कहना है कि यह गीत उनके करियर का केवल एक सुपरहिट गाना नहीं, बल्कि खुद को एक अलग अंदाज में साबित करने का मौका भी था।

    आज भी ‘नमक इश्क का’ सुनते ही श्रोताओं के सामने बिपाशा बसु की अदाएं और रेखा भारद्वाज की अनोखी गायकी ताजा हो जाती है, जिसने इस गीत को हमेशा के लिए यादगार बना दिया।

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