• Create News
  • ▶ Play Radio
  • NEET UG री-एग्जाम में बड़े सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, बिहार के लखीसराय से 24 गिरफ्तार; बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी भी शामिल

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    NEET UG री-एग्जाम के दौरान बिहार के लखीसराय जिले में एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन परीक्षा केंद्रों से कुल 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 7 सॉल्वर और बायोमेट्रिक सत्यापन करने वाली कंपनी के 14 कर्मचारी शामिल हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा दिलाने के लिए 30 लाख रुपये तक की डील की जाती थी।

    2024 पेपर लीक मामले से जुड़ा मास्टरमाइंड

    जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड अर्पित राज है, जो गया मेडिकल कॉलेज का छात्र बताया जा रहा है। उसका नाम वर्ष 2024 के चर्चित NEET पेपर लीक मामले में भी सामने आया था, जहां उससे केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा पूछताछ की गई थी। एक बार फिर उसका नाम परीक्षा धांधली से जुड़ने के बाद जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।

    संदिग्ध गतिविधियों से हुआ खुलासा

    पुलिस के अनुसार, गिरोह का खुलासा तब हुआ जब हाजीपुर निवासी और पीएमसीएच के छात्र मयंक कश्यप को संदिग्ध परिस्थितियों में परीक्षा केंद्र के भीतर पकड़ा गया। वह कथित रूप से बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी के रूप में परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर गया था।

    पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने तीन अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

    कई मेडिकल छात्र भी गिरफ्तार

    जांच में यह भी सामने आया कि पूनम कुमारी, जो बीएचयू में नर्सिंग की छात्रा है, एक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंची थी।

    इसके अलावा जांच में रायबरेली एम्स के छात्र सौरभ झा, एनएमसीएच पटना के छात्र संजीत तथा उत्तर प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज के छात्र अमन अग्रवाल के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि ये सभी कथित रूप से सॉल्वर गैंग से जुड़े हुए थे।

    कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की आशंका

    पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क बिहार के अलावा अन्य राज्यों तक भी फैला हो सकता है।

    अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।

  • Related Posts

    संत सावता माळी नागरी सहकारी पतसंस्था, पुसद के संस्थापक श्री आत्माराम विश्वंभरराव जाधव: सहकारिता, समाजसेवा और जनविश्वास का प्रेरणादायी नेतृत्व

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। सहकारिता केवल वित्तीय लेन-देन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास का सशक्त आधार है। इसी विचारधारा को अपने…

    Continue reading
    कृषिमित्र कटोल के संस्थापक श्री दिनेश शेषराव ठाकरे: आधुनिक कृषि, नवाचार और किसान सशक्तिकरण की मिसाल

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। भारत एक कृषि प्रधान देश है और देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसानों को माना जाता है। बदलते समय में…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *