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  • पद्म श्री सम्मान से गौरवान्वित हुए आर. माधवन: पत्नी और बेटे की मौजूदगी में मिला देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान

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    भारतीय सिनेमा के बहुमुखी अभिनेता आर. माधवन को राष्ट्रपति भवन में आयोजित सिविल इन्वेस्टिचर समारोह-II के दौरान देश के प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस भावुक और गौरवपूर्ण पल के साक्षी उनकी पत्नी सरिता माधवन और बेटे वेदांत माधवन भी बने, जिन्होंने समारोह के दौरान खड़े होकर तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

    यह सम्मान भारतीय सिनेमा में उनके दो दशक से अधिक लंबे योगदान, अभिनय की विविधता और फिल्मों के माध्यम से समाज पर पड़े सकारात्मक प्रभाव की पहचान माना जा रहा है।

    परिवार के नाम किया सम्मान

    जनवरी 2026 में जब आर. माधवन के नाम की घोषणा पद्म श्री सम्मान के लिए हुई थी, तभी उन्होंने इस उपलब्धि को अपने परिवार के नाम समर्पित किया था। सम्मान ग्रहण करने के बाद भी उन्होंने कहा कि उनके जीवन की हर सफलता के पीछे परिवार का अटूट विश्वास और सहयोग सबसे बड़ी ताकत रहा है।

    उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह सम्मान उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है और वह इसे पूरे विनम्र भाव से स्वीकार कर रहे हैं।

    माधवन ने कहा कि उनके माता-पिता, पत्नी, बेटे, गुरुजनों, शुभचिंतकों और दर्शकों के विश्वास ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।

    “यह सम्मान नहीं, एक जिम्मेदारी है”

    आर. माधवन ने पद्म श्री को केवल उपलब्धि नहीं बल्कि एक नई जिम्मेदारी बताया।

    उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक ईमानदारी, समर्पण और विनम्रता के साथ काम करने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि वह भारतीय सिनेमा और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते रहेंगे।

    उनके अनुसार, यह पुरस्कार उनके लिए केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं बल्कि उन मूल्यों की भी स्वीकृति है, जिनके साथ उन्होंने अपने पूरे करियर में काम किया।

    छोटे पर्दे से बड़े सितारे तक का सफर

    आर. माधवन भारतीय फिल्म उद्योग के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने अलग-अलग भाषाओं और विभिन्न प्रकार के किरदारों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है।

    उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन से की और वर्ष 2000 में निर्देशक मणिरत्नम की तमिल फिल्म अलैपायुथे से अभिनय की दुनिया में बड़ी पहचान बनाई।

    इसके बाद वर्ष 2001 में उन्होंने हिंदी फिल्म रहना है तेरे दिल में से बॉलीवुड में कदम रखा। यह फिल्म भले ही शुरुआत में औसत रही हो, लेकिन समय के साथ इसे कल्ट रोमांटिक फिल्मों में गिना जाने लगा और माधवन की लोकप्रियता पूरे देश में बढ़ गई।

    हर भाषा में छोड़ी अभिनय की छाप

    आर. माधवन ने तमिल, हिंदी, तेलुगु सहित कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया है। तमिल सिनेमा में उनकी कन्नाथिल मुथामित्तल, अनबे शिवम, रन और आयथा एझुथु जैसी फिल्मों को आज भी क्लासिक माना जाता है।

    वहीं हिंदी सिनेमा में उन्होंने रंग दे बसंती, गुरु, 3 इडियट्स, तनु वेड्स मनु और तनु वेड्स मनु रिटर्न्स जैसी सुपरहिट फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता।

    उनकी फिल्मों में मनोरंजन के साथ संवेदनशीलता और गहराई भी देखने को मिलती है, जिसके कारण वह हर वर्ग के दर्शकों के पसंदीदा अभिनेता बने।

    निर्देशन में भी हासिल की बड़ी सफलता

    सिर्फ अभिनेता ही नहीं, आर. माधवन ने निर्देशक के रूप में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

    उन्होंने रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट के जरिए निर्देशन की शुरुआत की। भारतीय वैज्ञानिक नंबी नारायणन के जीवन पर आधारित इस फिल्म को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना मिली।

    फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान भी मिला, जिसने माधवन को एक सफल निर्देशक के रूप में भी स्थापित कर दिया।

    लगातार नई चुनौतियां स्वीकार करने वाले कलाकार

    आर. माधवन उन कलाकारों में शामिल हैं जो हर नई भूमिका के साथ खुद को चुनौती देना पसंद करते हैं। रोमांटिक हीरो से लेकर गंभीर, प्रेरणादायक और प्रयोगधर्मी किरदारों तक उन्होंने हर शैली में अपनी अभिनय क्षमता साबित की है।

    हाल ही में वह ब्लॉकबस्टर धुरंधर फ्रेंचाइजी में नजर आए, जहां उनके प्रदर्शन को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा।

    भारतीय सिनेमा के लिए प्रेरणा

    पद्म श्री सम्मान के साथ आर. माधवन का नाम उन कलाकारों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने भारतीय सिनेमा को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    उनकी अभिनय यात्रा, निरंतर सीखने की इच्छा और हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन यह साबित करता है कि प्रतिभा, मेहनत और विनम्रता के साथ सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है।

    राष्ट्रपति भवन में मिला यह सम्मान केवल आर. माधवन की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की समृद्ध परंपरा और उत्कृष्ट प्रतिभाओं का भी गौरवपूर्ण उत्सव माना जा रहा है।

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