पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया कानूनी विवाद सामने आ गया है। मुख्य आरोपी सिया गोयल की ओर से अदालत में पैरवी कौन करेगा, इसे लेकर दो वकीलों के बीच दावा-प्रतिदावा शुरू हो गया है। इस विवाद ने अब कानूनी लड़ाई का रूप ले लिया है। पुणे के अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने दावा किया है कि सिया गोयल ने उन्हें अपना अधिकृत वकील नियुक्त किया है, जबकि सिया के भाई साहिल गोयल ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि परिवार ने अधिवक्ता विपुल दुशिंग को केस की पैरवी के लिए नियुक्त किया है।
मामला इतना बढ़ गया कि अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेज दिया है।
18 जून को हुई थी केतन अग्रवाल की हत्या
गौरतलब है कि 26 वर्षीय पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले से धक्का देकर हत्या किए जाने का आरोप उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर है। पुलिस के अनुसार दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।
फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।
आशुतोष श्रीवास्तव का दावा- सिया ने मुझे नियुक्त किया
अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव का कहना है कि सिया गोयल ने स्वयं उन्हें अपने बचाव के लिए अधिकृत किया है। उनके अनुसार सिया ने विधिवत वकालतनामा (Vakalatnama) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके आधार पर वह अदालत में उसकी ओर से पेश होने के हकदार हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल मौखिक दावा नहीं, बल्कि विधिक रूप से अधिकृत नियुक्ति है।
भाई साहिल ने किया खंडन
दूसरी ओर सिया के भाई साहिल गोयल ने आशुतोष श्रीवास्तव के दावे को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि परिवार ने इस केस की पैरवी के लिए अधिवक्ता विपुल दुशिंग को नियुक्त किया है और वही सिया का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
एनडीटीवी से बातचीत में दोनों वकीलों ने स्वयं को सिया गोयल का अधिकृत अधिवक्ता बताया, जिससे यह विवाद और गहरा गया।
अदालत में भी सिया ने दिया अलग बयान
यह मामला उस समय और उलझ गया जब वडगांव मावल कोर्ट में पेशी के दौरान सिया गोयल ने कथित तौर पर अदालत में कहा कि—
“आशुतोष श्रीवास्तव मेरे वकील नहीं हैं। मेरी ओर से अधिवक्ता विपुल दुशिंग पैरवी कर रहे हैं।”
सिया के इस बयान के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस
सिया के अदालत में दिए गए कथित बयान और साहिल गोयल के सार्वजनिक दावों के बाद अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल को 10 करोड़ रुपये के हर्जाने का कानूनी नोटिस भेजा है।
करीब 10 पन्नों के इस नोटिस में उन्होंने कहा है कि उनके बारे में सार्वजनिक रूप से यह कहना कि उन्हें अधिकृत नहीं किया गया, उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला और मानहानिकारक है।
उन्होंने नोटिस में आरोप लगाया कि इस बयान के कारण उन्हें—
- पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान,
- मानसिक उत्पीड़न,
- भविष्य के संभावित क्लाइंट्स का विश्वास कम होने,
- सामाजिक और व्यक्तिगत छवि प्रभावित होने
जैसी गंभीर हानियां हुई हैं।
48 घंटे में माफी और 7 दिन में हर्जाना देने की मांग
आशुतोष श्रीवास्तव ने अपने नोटिस में साहिल गोयल से मांग की है कि वे—
- सभी कथित मानहानिकारक वीडियो और बयान सोशल मीडिया एवं अन्य प्लेटफॉर्म से हटाएं।
- 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें।
- भविष्य में ऐसे बयान न देने का लिखित आश्वासन दें।
- सात दिनों के भीतर 10 करोड़ रुपये का हर्जाना अदा करें।
हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस
इधर केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सोमवार को अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत पांच दिन और बढ़ा दी।
पुलिस ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपियों की मौजूदगी में घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन (घटना का पुनर्निर्माण) कराया जाना है। इसके अलावा जांच एजेंसियां कई अहम सबूत जुटाने में लगी हैं।
पुलिस के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि सिया ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट फाड़कर जला दिया था, जिसकी राख और अन्य साक्ष्य अभी बरामद किए जाने बाकी हैं।
फोन कॉल और घटनाक्रम की भी जांच
जांच एजेंसियां चेतन चौधरी के घटना के बाद बदले गए कपड़ों, उसके आने-जाने के पूरे रूट और दोनों आरोपियों के बीच हुई फोन बातचीत की भी जांच कर रही हैं।
पुलिस का मानना है कि कॉल रिकॉर्ड, घटनास्थल का पुनर्निर्माण और अन्य डिजिटल साक्ष्य इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की साजिश को अदालत में साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फिलहाल इस मामले में कानूनी विवाद और हत्या की जांच दोनों समानांतर रूप से जारी हैं।








