पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी की पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के भीतर जारी अस्थिरता के बीच इस फैसले को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर संगठन की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया है। खबरों के मुताबिक, उन्होंने पार्टी की साइनिंग अथॉरिटी (Signing Authority) की जिम्मेदारी से भी इस्तीफा दे दिया है।
चंद्रिमा भट्टाचार्य को कुछ ही सप्ताह पहले पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। विधानसभा चुनाव में पार्टी को झटका लगने के बाद संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए थे और उसी दौरान उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
उनके इस्तीफे के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों और नेतृत्व पर बढ़ते दबाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल के दिनों में पार्टी के कई नेताओं, सांसदों और पदाधिकारियों के अलग-अलग फैसलों ने संगठनात्मक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम पार्टी के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
फिलहाल चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे पर तृणमूल कांग्रेस या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व आगे क्या फैसला लेता है और संगठन में किस तरह के बदलाव किए जाते हैं।








