• Create News
  • ▶ Play Radio
  • पीवी सिंधु की शानदार वापसी का राज बने विराट कोहली, एक सलाह ने बदल दी पूरी सोच, जीता जापान ओपन 2026 का खिताब

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

    भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने जापान ओपन 2026 का खिताब जीतकर दो वर्षों के लंबे इंतजार को समाप्त कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ वह जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बन गईं। हालांकि, इस शानदार वापसी के पीछे केवल कठिन प्रशिक्षण और अनुशासन ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली की एक महत्वपूर्ण सलाह भी रही, जिसने सिंधु की सोच और आत्मविश्वास दोनों को नई दिशा दी।

    लगातार खराब प्रदर्शन और चोटों से जूझ रही सिंधु अपने खेल को लेकर मानसिक दबाव में थीं। इसी दौरान उन्होंने विराट कोहली से यह जानना चाहा कि लंबे समय तक शतक नहीं बना पाने के कठिन दौर से उन्होंने खुद को कैसे बाहर निकाला। विराट का जवाब बेहद सरल लेकिन प्रेरणादायक था। उन्होंने सिंधु से कहा कि वह फिर से खेल का आनंद लेना शुरू करें और परिणाम के बजाय खेल से जुड़ाव पर ध्यान दें।

    यह सलाह सिंधु के लिए निर्णायक साबित हुई। उनके पति वेंकट दत्ता साई ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह पर सिंधु ने पैर की लिगामेंट चोट के बाद कुछ समय का विश्राम लिया। इसके बाद उन्हें अमेरिका के अटलांटा स्थित एक खेल प्रदर्शन केंद्र ले जाया गया, जहां पुनर्वास और मानसिक मजबूती पर विशेष काम किया गया।

    उन्होंने बताया कि पूरे प्रयास का उद्देश्य सिंधु के भीतर बैडमिंटन के प्रति वही पुराना उत्साह और आनंद वापस लाना था। विराट कोहली की बात लगातार उनके मन में गूंजती रही कि खेल का आनंद ही सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की सबसे बड़ी कुंजी है।

    सिंधु की वापसी में उनकी 13 सदस्यीय सहयोगी टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिटनेस विशेषज्ञों, फिजियोथेरेपिस्ट, प्रशिक्षकों और परिवार के सदस्यों ने मिलकर उनके शारीरिक और मानसिक स्तर पर काम किया। जापान ओपन के फाइनल में जापान की अकाने यामागुची को हराकर खिताब जीतने के बाद पूरी टीम भावुक हो गई।

    टीम ने खेल विज्ञान का भी प्रभावी उपयोग किया। प्रदर्शन के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि पेरिस ओलंपिक के बाद सिंधु के आक्रामक खेल में कमी आई थी और उन्हें प्रत्येक अंक जीतने के लिए पहले की तुलना में अधिक प्रयास करना पड़ रहा था। इसके अलावा कोर्ट पर निर्णय लेने की क्षमता में भी गिरावट दर्ज की गई थी। इन सभी पहलुओं पर वैज्ञानिक तरीके से काम किया गया।

    टूर्नामेंट से पहले सिंधु ने अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान देते हुए लगभग साढ़े तीन किलोग्राम वजन भी कम किया। संतुलित आहार, नियमित अभ्यास और मानसिक मजबूती ने उन्हें दोबारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद की। खिताब जीतने के बाद उनकी टीम ने इस उपलब्धि का जश्न मनाया।

    जापान ओपन 2026 का यह खिताब केवल एक टूर्नामेंट की जीत नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन का परिणाम माना जा रहा है। विराट कोहली की एक प्रेरणादायक सलाह और सिंधु की अथक मेहनत ने साबित कर दिया कि खेल में मानसिक मजबूती उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी शारीरिक तैयारी। भारतीय खेल जगत के लिए यह सफलता नई प्रेरणा बनकर सामने आई है।

  • Related Posts

    तकनीकी नवाचार की नई पहचान बनी टेक्नोवा प्राइम सॉल्यूशंस, संस्थापक हेमलता कौर सरन डिजिटल परिवर्तन की दिशा में कर रहीं अग्रणी कार्य

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। डिजिटल युग में तकनीक तेजी से व्यवसायों और शिक्षा की दिशा बदल रही है। ऐसे समय में हेमलता कौर सरन…

    Continue reading
    संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप, मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- “यह लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश”

    इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं। संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन और छात्रों…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *