संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नव-निर्वाचित राज्यसभा सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सांसदों को जनप्रतिनिधि के रूप में जिम्मेदार व्यवहार, संसद में सक्रिय भागीदारी और जनता से बेहतर संवाद बनाए रखने को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
करीब एक घंटे से अधिक चली इस बैठक में प्रधानमंत्री ने 30 से अधिक नए सांसदों से बातचीत की और संसदीय जीवन से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए।
लेटरहेड और फोन व्यवहार को लेकर दी खास सलाह
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से कहा कि वे अपने लेटरहेड का किसी भी प्रकार से दुरुपयोग न होने दें और फोन पर लोगों से हमेशा शालीनता और सम्मान के साथ बात करें।
उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का व्यवहार ही उसकी सबसे बड़ी पहचान होता है।
विपक्ष से भी सीखने की दी नसीहत
प्रधानमंत्री ने नए सांसदों को यह भी सलाह दी कि वे केवल अपनी पार्टी ही नहीं, बल्कि विपक्ष के सांसदों से भी सीखने का प्रयास करें। लोकतंत्र में सभी जनप्रतिनिधियों के अनुभवों से सीखना आवश्यक है।
उन्होंने सांसदों से संसद की कार्यवाही में अधिकतम समय देने और 100 प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखने का भी आग्रह किया।
अपनी दिनचर्या का भी किया खुलासा
बैठक के दौरान सांसदों ने प्रधानमंत्री से उनकी व्यक्तिगत दिनचर्या को लेकर भी सवाल पूछे।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह बिस्तर पर जाने के लगभग आठ सेकंड के भीतर सो जाते हैं और सामान्यतः करीब तीन घंटे की नींद लेते हैं।
उन्होंने कहा कि बेहतर परिणाम पाने के लिए वर्तमान में जीना बेहद जरूरी है।
“जब मैं आपके साथ हूं, तब मैं केवल इसी पल में रहता हूं और किसी दूसरी बात के बारे में नहीं सोचता।”
Jet Lag से बचने का बताया तरीका
विदेश यात्राओं के दौरान जेट लैग से कैसे बचते हैं, इस सवाल पर प्रधानमंत्री ने बताया कि जैसे ही वह विमान में बैठते हैं, अपनी घड़ी उस देश के समय के अनुसार सेट कर लेते हैं, जहां उन्हें जाना होता है। इससे शरीर जल्दी नए समय के अनुसार ढल जाता है।
नए सांसद पहली बार पहुंचे राज्यसभा
इस बार जून में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद कई नए सांसद पहली बार उच्च सदन पहुंचे हैं। इनमें विभिन्न दलों से NDA में शामिल हुए कई नेता भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने, अनुशासित सार्वजनिक जीवन अपनाने और संसदीय परंपराओं का सम्मान करने का आह्वान किया।







