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  • प्रियंका लगे: दर्द से शक्ति तक—योग, साधना और आत्मचिकित्सा से बनी प्रेरणा की कहानी

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    जीवन में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ़ इच्छाशक्ति ही नहीं,
    बल्कि अनवरत साधना, धैर्य और आत्मविश्वास की भी आवश्यकता होती है।

    कुछ लोग चुनौतियों से टूटते नहीं…
    बल्कि उन्हीं चुनौतियों को अपनी ताकत बनाकर दुनिया के सामने प्रेरणा बन जाते हैं।

    ऐसी ही एक प्रेरणादायी योगसाधिका और योग–थेरपिस्ट हैं —
    प्रियंका लगे,
    Founder – Vibhuti Yoga Studio & Painless Yoga Studio,
    नाशिक (महाराष्ट्र)

    जिन्होंने दर्द, संघर्ष और दृढ़ साधना के बीच
    योग को सिर्फ़ उपचार नहीं, बल्कि जीवन–ऊर्जा बनाया।

    प्रियंका जी का बचपन बेहद ऊर्जावान और सक्रिय था—
    नृत्य, व्यायाम, खेलकूद और शरीर को गतिमान रखने की आदत…
    ये सब उनके व्यक्तित्व का स्वाभाविक हिस्सा थे।

    तब “योग” शब्द जीवन में स्पष्ट रूप से नहीं था,
    पर ध्यान, श्वसन पर ध्यान देना और हल्की-फुल्की प्रक्रियाएँ
    नक़लत ही उनकी दिनचर्या बन चुकी थीं।

    लेकिन असली दिशा मिली—
    अपने पिता के योगिक जीवन से।

    उनके पिता का शांत, सात्त्विक और साधना–प्रधान व्यक्तित्व
    प्रियंका जी की सोच और जीवनदृष्टि का मूल आधार बना।

    वे हमेशा कहते थे—
    “मन शांत हो तो शरीर खुद को ठीक करना सीख जाता है।”
    और यही विचार आज भी उनके योग–प्रवास का स्तंभ है।

    प्रियंका जी के जीवन में बड़ा बदलाव तब आया
    जब उन्हें Chikungunya ने बुरी तरह प्रभावित किया।

    शरीर में भीषण दर्द, जकड़न, थकान, मानसिक तनाव…
    चलना–फिरना तक चुनौती बन गया था।

    यह समय शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर
    अत्यंत पीड़ादायक था।

    लेकिन यहीं से शुरू हुआ—
    उनके असली योगप्रवास का पुनर्जन्म।

    उन्होंने सूक्ष्म योग, छोटी–छोटी हलचलें,
    Micro Mobility Yoga, हल्की stretching,
    नियमित प्राणायाम और soft flows से
    धीरे–धीरे दर्द को मात दी।

    इन्हीं सूक्ष्म अभ्यासों ने उनका शरीर फिर से सक्रिय किया,
    ऊर्जा लौटाई और मन को स्थिरता दी।

    उन्हें तब गहराई से महसूस हुआ—
    “योग सिर्फ़ आसन नहीं है,
    यह शरीर की प्राकृतिक हीलिंग शक्तियों को जागृत करने की प्रक्रिया है।”

    शारीरिक सुधार के साथ उन्होंने योग को समझना शुरू किया,
    और फिर योग को ही जीवनपद्धति बना लिया।

    उन्होंने किया—
    B. Pharmacy
    International Yoga Certification
    Govt. Certified Yoga Diploma
    Cupping Therapy Training

    इन सबने योग को वैज्ञानिक, चिकित्सकीय और आध्यात्मिक रूप से समझने में गहरा योगदान दिया।

    प्रियंका जी ने अब तक—
    Rathi Foundation, Pune में
    • नाशिक जिले के विभिन्न PHC Centers में
    • और JustDial प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से

    सैकड़ों–हजारों लोगों को योग की प्रभावी सेवाएँ दी हैं।

    उनकी सेवाओं में शामिल हैं—
    • Prenatal & Postnatal Yoga
    • Therapeutic Yoga
    • Hatha & Ashtang Yoga
    • Shuddhikriya
    • Micro–Exercises & Soft Yoga (उनकी खास पहचान)

    इसके साथ-साथ वे योग प्रशिक्षक बनने के इच्छुक विद्यार्थियों को
    Yoga Certification Course भी सिखा रही हैं।

    प्रियंका जी के लिए ये स्टूडियो सिर्फ़ व्यवसाय नहीं,
    बल्कि चिकित्सा, विकास और सकारात्मक ऊर्जा के केंद्र हैं।

    यहाँ कई लोग—
    वेदनामुक्त जीवन, मानसिक शांति और आत्मविश्वास
    प्राप्त कर चुके हैं।

    उनके अनवरत कार्य को पहचान मिली—
    🏆 MDVTI, Lucknow – Second Winner Award
    🏆 आदिश्री बहुदेशीय सामाजिक संस्था, नाशिक – विशेष सन्मान

    ये पुरस्कार उनकी सेवा, निष्ठा और योग–समर्पण का प्रमाण हैं।

    जल्द ही नाशिक के Khutwad Nagar में
    प्रियंका जी एक बड़ा योग–आरोग्य प्रोजेक्ट शुरू कर रही हैं—
    जहाँ योग, थेरेपी, मानसिक स्वास्थ्य और holistic wellness
    सभी एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे।

    “योग सबके लिए है।
    कोई भी उम्र, कोई भी वजन, कोई भी स्थिति हो —
    सही मार्गदर्शन के साथ योग
    हर किसी के जीवन में ऊर्जा और शांति ला सकता है।”

    उनके अनुसार—
    योग = शरीर की चिकित्सा + मन की स्थिरता + आत्मा की उन्नति

    प्रियंका लगे की यह प्रेरणादायी कहानी बताती है—

    दर्द भी शक्ति बन सकता है,
    यदि मन में विश्वास और साधना की लौ जलती रहे।

    उनका “योगप्रवास”
    अनगिनत लोगों के लिए प्रेरणा का दीपक है।

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