इस खबर को सुनने के लिये प्ले बटन को दबाएं।

भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 2026 AFC महिला एशियाई कप के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रचा है। टीम ने चौथे क्वालीफायर मैच में थाईलैंड को 2-1 से हराकर इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए सीधे प्रवेश सुनिश्चित किया — यह 2003 के बाद पहली बार है जब टीम क्वालीफिकेशन राउंड से सीधे टूर्नामेंट में पहुंची है।
इस दौरान भारत ने समूह चरण में भी जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें मंगोलिया के खिलाफ 13-0 की बड़ी जीत और इराक व तिमोर-लेस्ते के खिलाफ साफ जीतें शामिल थीं।
विश्व कप क्वालीफिकेशन की महत्वाकांक्षा
टूर्नामेंट की तैयारी शुरू करते हुए टीम के खिलाड़ियों और समर्थकों का ध्यान अब 2027 फीफा महिला विश्व कप की क्वालीफिकेशन की ओर भी है। टीम की स्टार डिफेंडर डालिमा छिबर सहित कई खिलाड़ियों ने कहा है कि एशियन कप सिर्फ एक पड़ाव है, और टीम का लक्ष्य फिफा महिला विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना है।
भारतीय कप्तान और अनुभवी खिलाड़ियों ने भी आशा जताई है कि अगर टीम एशियन कप में अच्छा प्रदर्शन कर पाती है तो यह विश्व कप में जगह बनाने की राह आसान कर सकता है।
टीम की प्रगति और संभावनाएँ
इस क्वालीफिकेशन के साथ भारत ने फीफा रैंकिंग में भी उछाल देखा है, जिससे टीम की मजबूती और आत्मविश्वास को बल मिला है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान टीम में युवा प्रतिभा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन है, जो एपिक स्तर पर भारत को वैश्विक मंच पर ले जाने की क्षमता रखते हैं। विश्व कप क्वालीफिकेशन के लिए चुनौती कठिन जरूर होगी, लेकिन टीम की हालिया प्रगति और युवा क्षमता से उम्मीदें कायम हैं।
भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने एशियन कप क्वालीफिकेशन के जरिये एक बड़ा मुकाम हासिल किया है और अब उसकी नजर आगामी फीफा महिला विश्व कप पर है। खिलाड़ियों की मान्यता और राष्ट्रीय उत्साह इस सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।








