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केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने स्पष्ट किया है कि रेस्टोरेंट्स बिल में अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज (service charge) जोड़ नहीं सकते — यह उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत अवैध और अनुचित व्यापार प्रथा माना जाता है। इस नियम का उल्लंघन करने वाले कई आउटलेट्स पर कार्रवाई जारी है, जिसमें प्रमुख चेन Barbeque Nation को भी इस शुल्क को तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया है।
🔹 क्या हुआ आदेश में?
CCPA ने कहा है कि अगर कोई रेस्टोरेंट बिल में अपने आप सेवा शुल्क जोड़ रहा है बिना ग्राहक की सहमति के, तो वह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। ऐसे शुल्क को अन्य किसी नाम से भी नहीं लगाया जा सकता और ग्राहक को इसे भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। यदि यह बिल में जुड़ा है तो उस पर GST भी नहीं लगाया जा सकता।
🔹 CCPA की कार्रवाई:
CCPA ने देश भर में 27 रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनमें कई जगहों पर पहले से डिफ़ॉल्ट रूप से 10% सेवा शुल्क जोड़ा जा रहा था। निरीक्षण में पाया गया कि कुछ जगहों पर उस चार्ज पर GST भी लगाया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है। इन रेस्टोरेंट्स को बिल से चार्ज हटाने, रिफंड करने और बिलिंग सिस्टम बदलने का निर्देश दिया गया है।
🔹 Barbeque Nation को विशेष निर्देश:
एक ग्राहक की शिकायत के बाद CCPA ने Barbeque Nation को यह चेतावनी दी कि वह सेवा शुल्क वसूलना तुरंत बंद करे। इस मामले में शिकायतकर्ता को पहले ₹335 रिफंड किया गया था और अब प्राधिकरण ने पूरे नेटवर्क में अनिवार्य चार्ज हटाने का आदेश दिया है।
🔹 उपभोक्ता के अधिकार:
CCPA के तहत ग्राहक का अधिकार है कि वह:
• बिना सहमति जोड़ा गया सेवा शुल्क हटाने को कह सकता है।
• सेवा शुल्क का भुगतान करने से इनकार कर सकता है।
• अगर यह जारी रहा तो National Consumer Helpline पर शिकायत दर्ज कर सकता है।
• जोड़े गए शुल्क का रिफ़ंड भी मांग सकता है।
🔹 न्यायालय का रुख:
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 28 मार्च 2025 को स्पष्ट किया था कि यह शुल्क ग्राहक की इच्छा से ही लिया जाना चाहिए और इसे बाध्यकारी नहीं बनाया जा सकता — ऐसा करना उपभोक्ता हितों के विपरीत है।








