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कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की है। यह मांग ‘एपस्टीन फाइल्स’ विवाद को लेकर उठी है, जिसमें पुरी का नाम कथित तौर पर सामने आया है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे गंभीर आरोपों के बीच वह मंत्री के पद पर बने रहने लायक नहीं हैं।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि पुरी ने इस मामले में अब तक स्पष्ट और सही जवाब नहीं दिया है और उन्होंने केवल झूठ बोला है। उन्होंने कहा कि अगर पुरी भरोसेमंद नहीं रह सकते तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर संसद में भी तेज़ विरोध प्रदर्शन हुआ। विपक्षी सांसदों ने “पुरी इस्तीफा दो” के नारे लगाते हुए हंगामा किया, जिससे लोकसभा की कार्यवाही को रोकना पड़ा और इसे 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष का कहना है कि सरकार को पहले इस मामले पर जवाब देना चाहिए और उसके बाद ही संसद चलनी चाहिए।
कांग्रेस सांसदों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संसद परिसर के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया और पुरी के बयान और अमेरिका में सामने आई फाइलों पर सवाल उठाए। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पुरी के खिलाफ बयान दिया और कहा कि उन्हें बलपूर्वक इस्तीफा देना चाहिए।
उधर, हरदीप पुरी ने इन आरोपों को राजनीतिक रूप से किया गया आरोप बताया है और कहा है कि उन्होंने जेफरी एपस्टीन से केवल कुछ पेशेवर कारणों से मुलाकातें की थीं, जिनका उनके मंत्री पद से कोई संबंध नहीं है।
यह मामला राजनीति में बड़ी संसदीय टकराव का कारण बन गया है, और अब यह देखा जा रहा है कि आगे इस पर क्या कदम उठाए जाते हैं।








