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केंद्र सरकार महिलाओं की सुरक्षा को राष्ट्रीय विकास का प्राथमिक आधार मानती है, यह बात Annpurna Devi ने शुक्रवार को कही। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं की भागीदारी नीतियों और शासन-निर्णयों में बढ़ रही है और यह समाज की मजबूत नींव बन रही है।
उन्होंने यह बात महिलाओं के कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़ी राष्ट्रीय सम्मेलन (SHe-Box) को संबोधित करते हुए कही। इस आयोजन में सरकार के बड़े अधिकारी, राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत, सिविल समाज संस्थाएँ और अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हुए। इसके ज़रिये यह संदेश दिया गया कि महिलाओं के लिए सम्मानजनक, सुरक्षित और उत्पीड़न-मुक्त कार्यस्थल बनाए जाने पर पूरा फ़ोकस है।
सुरक्षा शासन का केंद्र बिंदु
सुरक्षा और सम्मान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार का कहना है कि केवल कानून बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उन नियमों का सख़्ती से पालन भी ज़रूरी है। सम्मेलन में SHe-Box पोर्टल की उपयोगिता पर भी ज़ोर दिया गया — यह एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जहाँ महिलाएं गोपनीयता के साथ यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज कर सकती हैं और उन्हें ट्रैक भी किया जा सकता है।
महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा
उनका कहना था कि आज महिलाएँ न सिर्फ़ परिवार बल्कि प्रतिष्ठानों और राष्ट्र के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। महिलाएँ अब नीति-निर्माण के केंद्र में हैं और उन्हें सुरक्षित अवसर, गरिमा और बराबरी के अवसर दिए जा रहे हैं ताकि वे समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
सरकार महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल, काम करने की स्वतंत्रता और निर्णय-प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को सुधारने के लिए लगातार कदम उठा रही है और इसे देश की विकास रणनीति का अहम हिस्सा बताया जा रहा है।








