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भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। BCCI अब T20 इंटरनेशनल में एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग भारतीय टीमों को उतारने की योजना पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रणनीति IPL 2026 के बाद लागू की जा सकती है।
क्या है BCCI की योजना?
सूत्रों के अनुसार, बोर्ड 30 से 35 खिलाड़ियों का एक मजबूत पूल तैयार करना चाहता है, जिससे जरूरत के हिसाब से अलग-अलग टीम बनाई जा सके। इसका मकसद यह है कि एक ही समय पर होने वाली अलग-अलग सीरीज और टूर्नामेंट में भारत की मौजूदगी बनी रहे।
दो टीम बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?
इस साल भारत को कई बड़े अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में हिस्सा लेना है, जिनमें Asian Games और वेस्टइंडीज के खिलाफ T20 सीरीज शामिल हैं। ऐसे में एक ही समय पर दो टीम उतारना रणनीतिक रूप से जरूरी हो जाता है।
BCCI के एक अधिकारी के अनुसार, भविष्य में भी इस तरह की स्थिति बार-बार आ सकती है, इसलिए अभी से खिलाड़ियों का बड़ा पूल तैयार करना अहम होगा।
किन खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका?
हालांकि अभी किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन Indian Premier League 2026 में प्रदर्शन के आधार पर कई युवा खिलाड़ियों को मौका मिल सकता है।
बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल, रजत पाटीदार जैसे नाम चर्चा में हैं, जबकि गेंदबाजी में रवि बिश्नोई और कार्तिक त्यागी जैसे खिलाड़ी रेस में बताए जा रहे हैं। विकेटकीपिंग में ध्रुव जुरेल और ऑलराउंडर के तौर पर शशांक सिंह जैसे खिलाड़ियों पर नजर है।
कप्तानी को लेकर क्या संकेत?
जब दो टीमें होंगी, तो दो कप्तान भी होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक टीम की कमान Shreyas Iyer को सौंपी जा सकती है। उनकी कप्तानी IPL में पहले ही काफी प्रभावशाली रही है।
क्या होगा इसका फायदा?
इस रणनीति से भारतीय क्रिकेट को कई बड़े फायदे मिल सकते हैं:
- ज्यादा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिलेगा
- टीम की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत होगी
- बड़े टूर्नामेंट्स के लिए बेहतर तैयारी होगी
- खिलाड़ियों पर वर्कलोड मैनेजमेंट आसान होगा
भविष्य की दिशा
भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। ऐसे में यह कदम देश की क्रिकेटिंग ताकत को और बढ़ा सकता है। अगर यह योजना सफल होती है, तो भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन सकता है, जो नियमित रूप से दो अलग-अलग T20 इंटरनेशनल टीमें मैदान में उतारे।
कुल मिलाकर, BCCI की यह रणनीति भारतीय क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो आने वाले वर्षों में टीम इंडिया को और ज्यादा मजबूत और प्रतिस्पर्धी बना सकती है।








