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Delhi के कैलाश हिल्स इलाके में हुए सनसनीखेज IRS अधिकारी की बेटी हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी Rahul Meena को वारदात से पहले सबसे पहले स्थानीय दुकानदार और कुछ ड्राइवरों ने देखा था।
स्थानीय लोगों ने पहले ही कर लिया था शक
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल मीणा सुबह से ही सोसाइटी के बाहर घूम रहा था। इलाके के एक दुकानदार और ड्राइवरों ने उसे पहचान लिया था, क्योंकि वह पहले उसी घर में काम कर चुका था।
जब लोगों ने उससे पूछा— “तुमको तो नौकरी से निकाल दिया है, फिर क्यों आए हो?” —तो उसने चतुराई से जवाब दिया कि वह इलाके में नया काम ढूंढ रहा है।
पहले से रची गई थी साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपी को यह जानकारी थी कि पीड़िता के माता-पिता सुबह जिम के लिए घर से बाहर जाते हैं। उसने इसी मौके का फायदा उठाया और सुबह करीब 6:39 बजे घर में दाखिल हो गया।
उसे यह भी पता था कि घर की अतिरिक्त चाबी कहां रखी जाती है, जिससे यह साफ होता है कि वारदात पूरी तरह योजनाबद्ध थी।
40 मिनट में अंजाम दिया जघन्य अपराध
जांच के मुताबिक, आरोपी ने करीब 40 मिनट के अंदर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। सुबह 7:20 बजे तक वह मौके से फरार हो गया।
जब परिजन घर लौटे, तो उन्होंने युवती को खून से लथपथ पाया और घर का सामान बिखरा हुआ था।
CCTV और गवाहों से मिला सुराग
सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की गतिविधियां कैद हुईं, जिसमें वह वारदात के बाद अपने कपड़े बदलते हुए भी नजर आया। इसी आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया।
अलवर से जुड़ा एक और बड़ा खुलासा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने दिल्ली की घटना से एक दिन पहले Alwar में भी एक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था।
कर्ज और रंजिश बना वजह
बताया जा रहा है कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी का आदी था, जिसके चलते उस पर भारी कर्ज हो गया था। नौकरी से निकाले जाने के बाद उसने बदला लेने और पैसे हासिल करने के लिए इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
ऐसे हुआ आरोपी गिरफ्तार
Delhi Police ने आरोपी की तलाश के लिए 15 टीमें बनाई थीं। एक ऑटो चालक की मदद से आरोपी का सुराग मिला, जिसने उसे द्वारका के एक होटल तक छोड़ा था।
पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी Rahul Meena को गिरफ्तार कर लिया। अब उस पर दिल्ली और राजस्थान दोनों जगह गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।








