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Bikaji Foods International के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Shiv Ratan Agarwal का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वह अपनी पत्नी के इलाज के सिलसिले में परिवार के साथ वहां ठहरे हुए थे। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
छोटे कारोबार से बड़ी पहचान तक का सफर
Shiv Ratan Agarwal ने साल 1993 में बीकानेर से Bikaji Foods International की नींव रखी। हालांकि उनकी कारोबारी शुरुआत इससे पहले पारंपरिक परिवारिक व्यवसाय Haldiram’s से अलग होकर हुई थी।
उन्होंने ‘शिवदीप फूड्स प्रोडक्ट्स’ के नाम से भुजिया बनाना शुरू किया और धीरे-धीरे अपने ब्रांड ‘बीकाजी’ को स्थापित किया, जिसका नाम बीकानेर के संस्थापक राव बीका से प्रेरित था।
सीमित पढ़ाई, लेकिन बड़ा विजन
महज 8वीं तक पढ़ाई करने वाले Shiv Ratan Agarwal ने अपने विजन और मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में नई पहचान बनाई। उन्होंने विदेशों का दौरा कर आधुनिक तकनीक को समझा और भारत में लागू किया।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उन्होंने भुजिया बनाने की प्रक्रिया को मशीनों से जोड़ दिया। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी और गुणवत्ता में भी सुधार हुआ। Bikaji Foods International देश का पहला ऐसा ब्रांड बना जिसने बड़े स्तर पर मशीन से भुजिया उत्पादन शुरू किया।
ग्लोबल ब्रांड के रूप में उभरी कंपनी
आज Bikaji Foods International भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूत उपस्थिति रखती है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की क्वालिटी, पैकेजिंग और ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के लिए जानी जाती है।
Shiv Ratan Agarwal ने न सिर्फ एक सफल बिजनेस खड़ा किया, बल्कि भारतीय स्नैक इंडस्ट्री को वैश्विक पहचान दिलाने में भी अहम योगदान दिया।
इंडस्ट्री को बड़ी क्षति
उनके निधन को भारतीय फूड और स्नैक इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपने संघर्ष, नवाचार और दूरदृष्टि से यह साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने साकार किए जा सकते हैं।
उनकी विरासत आने वाले उद्यमियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी, जिन्होंने एक छोटे शहर से निकलकर भारतीय स्वाद को दुनियाभर में पहुंचाया।








