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छोटे से शहर बीड़ की सादगी भरी गलियों से शुरू हुई एक छोटी-सी पहल आज एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी है। लम्हा आर्ट्स एंड क्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक मेघा सचिन बाहेती ने अपने जुनून को केवल एक व्यवसाय तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे एक ऐसे उद्देश्य में बदल दिया—जो सैकड़ों बच्चों और युवाओं के जीवन में रंग, आत्मविश्वास और नई दिशा भर रहा है।
उनकी यह यात्रा किसी आसान राह की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और अटूट विश्वास की मिसाल है। सीमित संसाधनों के बीच, नई सोच को समाज में स्वीकार करवाना और लोगों का भरोसा जीतना आसान नहीं था। लेकिन मेघा बाहेती ने हर चुनौती को एक अवसर में बदलते हुए अपने सपनों को धीरे-धीरे हकीकत का रूप दिया। उनके भीतर की कलाकार और कुछ अलग करने का जज़्बा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया।
समय के साथ उनका यह प्रयास एक ऐसे सशक्त मंच में बदल गया, जहां बच्चों और युवाओं को सिर्फ आर्ट और क्राफ्ट नहीं सिखाया जाता, बल्कि उन्हें खुद को पहचानने, अपनी कल्पनाओं को व्यक्त करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी जाती है। आज लम्हा आर्ट्स एंड क्राफ्ट रचनात्मकता का एक जीवंत केंद्र बन चुका है, जहां हर वर्कशॉप, हर समर कैंप और हर गतिविधि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का काम करती है।
इस संस्थान की सबसे बड़ी खासियत है—परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम। Trousseau Packing, Wedding decor,Festive decor, customise Hampers, corporate gifting,Bandhanwar, Lantern,वॉल डेकोर, DIY क्राफ्ट पर्सनलाइज्ड गिफ्ट्स जैसी गतिविधियों के माध्यम से हर प्रतिभागी न केवल नई स्किल्स सीखता है, बल्कि अपनी सोच को आकार देना भी सीखता है।
मेघा बाहेती का मानना है कि “कला केवल एक कौशल नहीं, बल्कि खुद को महसूस करने और दुनिया के सामने व्यक्त करने का सबसे सुंदर माध्यम है।” यही विचार उनके हर कार्य में स्पष्ट झल
कता है। उन्होंने न सिर्फ स्थानीय प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान किया, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी निर्मित किए और बीड़ के सांस्कृतिक वातावरण को एक नई पहचान देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनकी इस सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उनके पति, एडवोकेट सचिन श्रीनिवास बाहेती, हर कदम पर उनके मजबूत स्तंभ बने रहे। सास-ससुर और माता-पिता का आशीर्वाद उनकी प्रेरणा का स्रोत बना और पुरा परिवार उनकी ताकद बना| वहीं उनकी बेटियां—लम्हा और अमायरा—उनके जीवन की वह खूबसूरत प्रेरणा हैं, जो उन्हें हर दिन और बेहतर करने के लिए आगे बढ़ाती हैं।
आज लम्हा आर्ट्स एंड क्राफ्ट केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि एक भावना, एक सोच और एक आंदोलन बन चुका है—जो कला के माध्यम से लोगों के जीवन में खुशियां, आत्मविश्वास और नई पहचान जोड़ रहा है।
मेघा बाहेती की यह यात्रा हमें यह सिखाती है कि सपने चाहे कितने ही छोटे क्यों न हों, अगर उनमें जुनून, मेहनत और विश्वास का रंग भर दिया जाए, तो वे एक दिन दुनिया के लिए प्रेरणा बन जाते हैं।
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