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हर बड़ी सफलता की शुरुआत हमेशा एक छोटे विचार से होती है।
जब उस विचार के साथ दृढ़ इच्छाशक्ति, समाज के लिए कुछ करने का जज़्बा और लगातार मेहनत जुड़ जाती है, तब वही विचार एक प्रेरणादायक आंदोलन बन जाता है।
ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है Mr. Sagar Meshram और Mrs. Manjusha Sagar Meshram की, जिन्होंने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विशेष रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से “Mitrajan Mahila Nagari Sahkari Path Sanstha Maryadit Nagpur” की स्थापना की।
आज यह संस्था केवल एक सहकारी संस्था नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के विश्वास, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन चुकी है।
नागपुर के लश्करीबाग क्षेत्र में रहने वाले श्री सागर मेश्राम ने बचपन से ही संघर्षों को बहुत करीब से देखा। जिस क्षेत्र में वे रहते थे, वहां मेहनतकश मजदूर, दिहाड़ी कामगार और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार बड़ी संख्या में निवास करते थे।
कम रोजगार, सीमित संसाधन और आर्थिक असुरक्षा जैसी समस्याएं वहां के लोगों के जीवन का हिस्सा थीं। यही परिस्थितियां उनके मन में समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की प्रेरणा बन गईं।
युवा अवस्था से ही वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने छोटे-छोटे व्यवसाय भी किए, लेकिन उनके मन में हमेशा समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का सपना था।
साल 2007 से 2009 के दौरान श्री सागर मेश्राम ने प्रत्येक रविवार आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए। उनका उद्देश्य था कि समाज के लोग बचत, आर्थिक नियोजन और आत्मनिर्भरता का महत्व समझें।
इसके बाद 2009 से 2011 तक उन्होंने महिलाओं को Self Help Group के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का कार्य किया। इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिले, तो वे अपने परिवार और समाज की तस्वीर बदल सकती हैं।
इसी सोच ने उनके मन में एक स्वतंत्र सहकारी संस्था स्थापित करने का संकल्प मजबूत किया।
1 फरवरी 2012 को महिलाओं के बचत समूहों के सहयोग से “Mitrajan Mahila Nagari Sahkari Path Sanstha Maryadit Nagpur” की स्थापना की गई।
शुरुआत छोटी थी, लेकिन उद्देश्य बड़ा था।
संस्था का लक्ष्य केवल आर्थिक लेन-देन तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना था।
धीरे-धीरे संस्था ने लोगों का विश्वास जीतना शुरू किया। पारदर्शिता, ईमानदारी और सेवा भाव के कारण संस्था का कार्य लगातार बढ़ता गया।
आज संस्था में लगभग 2000 से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं और संस्था ने हजारों लोगों को आर्थिक सहायता देकर छोटे व्यवसाय और रोजगार शुरू करने में सहयोग दिया है।
श्री सागर मेश्राम का यह सफर आसान नहीं था।
शुरुआत में सीमित संसाधन, कम अनुभव और लोगों का विश्वास जीतने जैसी अनेक चुनौतियां सामने थीं।
लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
उन्होंने हर परिस्थिति का सामना धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ किया। उनका मानना था कि यदि कार्य ईमानदारी और समाजहित के उद्देश्य से किया जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है।
धीरे-धीरे संस्था समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं और छोटे व्यवसायियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने लगी।
इस पूरे सफर में Mrs. Manjusha Sagar Meshram ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं को जोड़ने, उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करने और संस्था के सामाजिक उद्देश्यों को मजबूत करने में सक्रिय योगदान दिया।
उनकी प्रेरणा और सहयोग के कारण संस्था ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी कार्य किए।
आज अनेक महिलाएं संस्था से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियां मजबूती से निभा रही हैं।
“Mitrajan Mahila Nagari Sahkari Path Sanstha” केवल आर्थिक संस्था बनकर नहीं रही, बल्कि समाज सेवा को भी अपने कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।
संस्था द्वारा समय-समय पर —
- स्वास्थ्य शिविर
- शैक्षणिक सहायता
- वृक्षारोपण अभियान
- रक्तदान शिविर
- आर्थिक जागरूकता कार्यक्रम
जैसी विभिन्न सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
इन उपक्रमों के माध्यम से संस्था समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का लगातार प्रयास कर रही है।
श्री सागर मेश्राम को उनके कार्यों के लिए कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें “SAHKAR NISHTHA 2022-23” पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो महाराष्ट्र राज्य सहकारी फेडरेशन लिमिटेड, मुंबई द्वारा प्रदान किया गया।
इसके अलावा उन्होंने सहकारिता क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी कार्यक्षमता और नेतृत्व को और मजबूत बनाया।
आज Mr. Sagar Meshram और Mrs. Manjusha Sagar Meshram का उद्देश्य केवल संस्था का विस्तार करना नहीं, बल्कि समाज के अधिक से अधिक लोगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।
वे मानते हैं कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग मजबूत और आत्मनिर्भर बने।
उनकी यह प्रेरणादायक यात्रा इस बात का उदाहरण है कि यदि इरादे मजबूत हों और उद्देश्य समाजहित का हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
आज “Mitrajan Mahila Nagari Sahkari Path Sanstha Maryadit Nagpur” हजारों लोगों के जीवन में विश्वास, आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती का प्रतीक बन चुकी है।








