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राजेश चौधरी | जयपुर | समाचार वाणी न्यूज़
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और वृक्षारोपण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण, हरित विकास और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रकृति संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं और अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर हरित विकास को गति दें।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की संस्कृति में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का विशेष महत्व रहा है। सदियों से यहां जल संरक्षण, वृक्षों की रक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के सम्मान की परंपरा रही है। राज्य सरकार इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के माध्यम से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को बढ़ावा दे रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनभागीदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता। इसलिए प्रत्येक नागरिक को इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए और अपने आसपास हरियाली बढ़ाने में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने, जैव विविधता को संरक्षित करने और भावी पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, विद्यार्थियों और स्वयंसेवी संस्थाओं से ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि मिलकर किए गए प्रयास ही राजस्थान को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बना सकते हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं समृद्ध पर्यावरण के निर्माण में सहयोग करें।








