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  • समाज सुधार सहकारी पतसंस्था मर्यादित, वाकेश्वर: सुभाष आजबले, सोमेश्वर मते और सुरज विठो बा गोंडाणे के नेतृत्व में ग्रामीण सहकारिता और वित्तीय सशक्तिकरण की मिसाल

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    ग्रामीण भारत की आर्थिक प्रगति में सहकारी संस्थाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। महाराष्ट्र के भंडारा जिले के छोटे से गांव वाकेश्वर से शुरू हुई समाज सुधार सहकारी पतसंस्था मर्यादित आज इसी सहयोग, पारदर्शिता और सेवा भावना की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है। श्री सुभाष मारोती आजबले (अध्यक्ष), श्री सोमेश्वर बलीराम मते (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) और श्री सुरज विठो बा गोंडाणे (उपाध्यक्ष प्राध्यापक) के नेतृत्व में संस्था ने पिछले 25 वर्षों में ग्रामीण वित्तीय सशक्तिकरण और सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

    25 वर्षों की प्रेरणादायक विकास यात्रा

    19 अप्रैल 1999 को स्थापित समाज सुधार सहकारी पतसंस्था मर्यादित की शुरुआत ग्रामीण लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, बचत की आदत विकसित करने और छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।

    संस्था ने सेवा, समर्पण, सहयोग, ईमानदारी और सहिष्णुता को अपने मूल सिद्धांत बनाकर कार्य प्रारंभ किया। आज अपनी रजत जयंती (Silver Jubilee) मना चुकी यह संस्था हजारों सदस्यों के विश्वास का प्रतीक बन चुकी है।

    ग्रामीण विकास से डिजिटल सहकारिता तक का सफर

    एक छोटे से गांव में शुरू हुई यह संस्था आज वाकेश्वर, गुंथारा, पहेला, भंडारा, लाखोरी और पोहरा सहित कुल 6 शाखाओं के माध्यम से अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है।

    संस्था की सभी शाखाएं डिजिटल बैंकिंग, कम्प्यूटरीकृत संचालन और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित हैं, जिससे ग्राहकों को तेज, सुरक्षित और पारदर्शी वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    तकनीक को अपनाकर संस्था ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की है।

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती

    समाज सुधार सहकारी पतसंस्था का मुख्य उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं बल्कि ग्रामीण समाज को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना रहा है।

    संस्था किसानों, छोटे व्यापारियों, महिला उद्यमियों, स्वरोजगार करने वाले युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    बचत को बढ़ावा देने और जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन के प्रति लोगों को जागरूक करना भी संस्था की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

    सुदृढ़ आधारभूत संरचना और वित्तीय मजबूती

    वर्षों की अनुशासित वित्तीय योजना और पारदर्शी प्रबंधन के परिणामस्वरूप संस्था ने अपनी मजबूत परिसंपत्तियां विकसित की हैं।

    आज संस्था के पास—

    • दो स्वयं के आधुनिक एवं सुसज्जित कार्यालय भवन
    • स्वामित्व वाली कृषि भूमि
    • ऋण वसूली के लिए समर्पित वाहन
    • पूर्णतः डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था

    जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो इसकी वित्तीय स्थिरता और आत्मनिर्भरता को दर्शाती हैं।

    पारदर्शी नेतृत्व बना सफलता की पहचान

    संस्था की निरंतर प्रगति के पीछे अध्यक्ष श्री सुभाष मारोती आजबले, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सोमेश्वर बलीराम मते तथा उपाध्यक्ष श्री सुरज विठो बा गोंडाणे का दूरदर्शी नेतृत्व महत्वपूर्ण रहा है।

    इनके नेतृत्व में संस्था ने वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन, सदस्य-केंद्रित सेवाओं और तकनीकी आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

    संस्था का संचालक मंडल भी लोकतांत्रिक मूल्यों और सहकारिता की भावना के अनुरूप कार्य करते हुए सदस्यों के हितों को सर्वोपरि रखता है।

    समाजसेवा और सहकारिता का अनूठा संगम

    समाज सुधार सहकारी पतसंस्था केवल वित्तीय सेवाओं तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाती है।

    संस्था समय-समय पर वित्तीय साक्षरता, बचत जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती है। इसका उद्देश्य आर्थिक सहायता के साथ-साथ समाज में आत्मनिर्भरता और जागरूकता को बढ़ावा देना है।

    सदस्यों का विश्वास ही सबसे बड़ी उपलब्धि

    संस्था का मानना है कि उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि केवल शाखाओं का विस्तार या वित्तीय वृद्धि नहीं, बल्कि हजारों सदस्यों द्वारा वर्षों से जताया गया विश्वास है।

    ईमानदार कार्यप्रणाली, समय पर सेवा, पारदर्शिता और सामाजिक जिम्मेदारी ने संस्था को भंडारा जिले की अग्रणी सहकारी संस्थाओं में स्थापित किया है।

    भविष्य के लिए स्पष्ट विज़न

    समाज सुधार सहकारी पतसंस्था मर्यादित आने वाले वर्षों में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का और विस्तार करने, अधिक ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बढ़ाने तथा आधुनिक वित्तीय तकनीकों को अपनाकर सदस्यों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    संस्था का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण समाज को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाना भी है।

    सहकारिता के माध्यम से समृद्ध भविष्य का निर्माण

    आज समाज सुधार सहकारी पतसंस्था मर्यादित, वाकेश्वर यह सिद्ध कर चुकी है कि यदि नेतृत्व दूरदर्शी हो, कार्यप्रणाली पारदर्शी हो और उद्देश्य समाज सेवा हो, तो एक छोटी ग्रामीण संस्था भी समय के साथ उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर सकती है।

    श्री सुभाष मारोती आजबले, श्री सोमेश्वर बलीराम मते और श्री सुरज विठो बा गोंडाणे के नेतृत्व में संस्था न केवल सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दे रही है, बल्कि ग्रामीण वित्तीय सशक्तिकरण और सामाजिक विकास का एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर पूरे महाराष्ट्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुकी है।

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