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DRDO जल्द करेगा ET-LDHCM मिसाइल का परीक्षण; 11,000 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ान भरने वाली यह मिसाइल दुश्मन के रडार को भी चकमा दे सकती है।
नई दिल्ली, 6 जून 2025: भारत ने अपनी पहली अत्याधुनिक हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल ET-LDHCM को विकसित कर लिया है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) जल्द ही इसका परीक्षण करने वाला है। इस मिसाइल की रफ्तार और तकनीक इतनी उन्नत है कि चीन और पाकिस्तान के सैन्य ठिकाने भी अब भारत की मारक क्षमता की जद में आ गए हैं।
ET-LDHCM (Extended Trajectory – Long Duration Hypersonic Cruise Missile) भारत की सबसे आधुनिक मिसाइल परियोजना ‘Project Vishnu’ का हिस्सा है। यह मिसाइल ध्वनि की गति से 5 से 8 गुना तेज (Mach 8 या 11,000 किमी/घंटा) उड़ान भर सकती है। इसकी मारक क्षमता 1,500 किमी से अधिक है।
इसका अर्थ यह है कि यह मिसाइल मिनटों में दुश्मन के अहम सैन्य ठिकानों को तबाह कर सकती है।
रडार को भी चकमा देने वाली मिसाइल
ET-LDHCM की गति इतनी तेज है कि यह रडार सिस्टम को डिटेक्ट करने का मौका ही नहीं देती।
१. 1 सेकंड में लगभग 3 किमी की दूरी तय करने वाली यह मिसाइल
२. हवा, जमीन और समुद्र से तीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है।
३. इसमें स्क्रैमजेट इंजन लगा है जो हवा से ऑक्सीजन लेकर ईंधन जलाता है।
४. यह लंबे समय तक हाइपरसोनिक गति बनाए रखती है।
५. 2025 में इसका 1000 सेकंड तक सफल ग्राउंड टेस्ट भी किया जा चुका है।
ET-LDHCM मिसाइल की खूबियां
विशेषता विवरण
गति Mach 8 (11,000 किमी/घंटा)
रेंज 1,500 किमी से अधिक
लॉन्च प्लेटफॉर्म एयर, लैंड, सी (त्रि-आयामी क्षमता)
पेलोड क्षमता 1,000 से 2,000 किलोग्राम (परमाणु / पारंपरिक)
संरचना 2,000 डिग्री सेल्सियस तक तापमान झेलने वाले मटेरियल से बनी
अन्य विशेषताएं Low-altitude उड़ान, maneuverable trajectory, oxidation-resistant coating
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ET-LDHCM?
१. यह मिसाइल भारत को अमेरिका, रूस, चीन जैसी हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक वाले देशों की कतार में शामिल कर देगी।
२. RAW और सेना को सर्जिकल हाइपरसोनिक अटैक की क्षमता मिलेगी।
३. यह पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ परियोजना है।
४. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल कॉम्प्लेक्स, हैदराबाद में DRDO और निजी भागीदारों के सहयोग से विकसित की गई है।
५. पाकिस्तान और चीन के मिसाइल परीक्षणों और सीमा विवादों के बीच भारत को रणनीतिक बढ़त देगी।
६. हाइपरसोनिक तकनीक के कारण भारत को सैटेलाइट लॉन्च, वायुयान, आपदा प्रबंधन में भी नई तकनीकी क्षमता मिलेगी।
७. इससे जुड़े प्रोजेक्ट्स में हजारों नौकरियां और MSME सेक्टर में नए अवसर मिलेंगे।
ET-LDHCM किन स्थितियों में उपयोगी है?
१. लैंड अटैक मिशन: दुश्मन के रडार, बंकर, सैन्य बेस को निशाना बनाने में।
२. एंटी-शिप मिशन: दुश्मन के डेस्ट्रॉयर और एयरक्राफ्ट कैरियर को नष्ट करने में।
३. स्ट्रैटेजिक मिशन: दुश्मन की सामरिक संपत्तियों पर तेज और घातक हमला करने में।
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