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जेल में बंद क्लाइमेट एक्टिविस्ट और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने रविवार को सार्वजनिक रूप से पति के खिलाफ लगे पाकिस्तान कनेक्शन आरोपों और नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी। उनका बयान न केवल साहसिक रहा बल्कि राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गीतांजलि अंगमो का बयान
गीतांजलि ने सवाल उठाते हुए कहा, “जब भारत और पाकिस्तान क्रिकेट खेल सकते हैं, तो मेरा पति सोनम वांगचुक, जो एक हीरो है और जो संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में अपनी बात रख सकते थे, वहां क्यों नहीं जा सकते?” उन्होंने अपने पति के योगदान और उनके निष्पक्ष और शांतिपूर्ण प्रयासों की सराहना की।
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी
सोनम वांगचुक को लद्दाख में हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन्हें NSA के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेजा गया है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर मीडिया और जनता में व्यापक बहस चल रही है। क्लाइमेट एक्टिविज्म और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर काम करने वाले उनके समर्थक इसे न्याय का प्रश्न मान रहे हैं।
गीतांजलि अंगमो का साहस
गीतांजलि ने इस अवसर पर यह भी कहा कि उनके पति की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप केवल उनकी आवाज दबाने की कोशिश हैं। उन्होंने अपने पति के लिए हर सुख और सुविधा को त्याग कर सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों के लिए काम किया है। उनका यह बयान दर्शाता है कि एक पत्नी न केवल परिवारिक जिम्मेदारियों को निभाती है, बल्कि समाज और न्याय के लिए भी मुखर हो सकती है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
गीतांजलि अंगमो का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई समर्थक और नागरिक उनके साहस की तारीफ कर रहे हैं। वहीं, राजनीतिक और सुरक्षा विशेषज्ञ इसे एक संवेदनशील मामला मान रहे हैं, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, क्लाइमेट एक्टिविज्म और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी की भूमिका
सोनम वांगचुक शिक्षा और क्लाइमेट एक्टिविज्म के क्षेत्र में देश और विदेश में पहचाने जाते हैं। गीतांजलि अंगमो ने हमेशा उनके प्रयासों का समर्थन किया है और अब सार्वजनिक रूप से अपने पति के लिए मुखर होकर यह संदेश दिया है कि सत्य और न्याय के लिए आवाज उठाना आवश्यक है।
नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत गिरफ्तारी
NSA के तहत गिरफ्तारी की प्रक्रिया और कानूनी पहलुओं को लेकर विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह के मामलों में निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। गीतांजलि के बयान ने इस मामले को और व्यापक बना दिया है, जिससे मीडिया और जनता में इस मुद्दे पर बहस और बढ़ गई है।
गीतांजलि अंगमो का साहसिक बयान केवल एक पत्नी की नहीं बल्कि एक नागरिक की आवाज भी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह दिखाया कि कानून, न्याय और मानवाधिकार के मुद्दों पर सवाल उठाना किसी के अधिकारों के खिलाफ नहीं होना चाहिए। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और उनके पाकिस्तान कनेक्शन आरोपों को लेकर अब देशभर में बहस और अधिक गर्म हो गई है।








