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शहर में लावारिस और खटारा वाहनों पर नगर निगम की कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। मुंबई नगर निगम (BMC) ने बताया कि हाल ही में शहर के विभिन्न हिस्सों से कुल 3499 वाहनों को टो किया गया है। इसके अलावा, लगभग 7000 वाहनों पर नोटिस चिपकाए गए हैं, जिन्हें 48 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया है। अगर वाहन मालिक अपनी गाड़ी निर्धारित समय के भीतर नहीं हटाते हैं, तो नगर निगम इसे डंपयार्ड में भेज देगा।
BMC के अधिकारियों ने कहा कि शहर में लावारिस और पार्क किए गए पुराने वाहन न केवल सड़क पर जगह घेरते हैं, बल्कि ट्रैफिक जाम, पार्किंग समस्याओं और सौंदर्यहीनता का भी कारण बनते हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक खड़े वाहनों से सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी उत्पन्न होते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सड़कों की सफाई, यातायात सुविधा और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई है। टो किए गए वाहनों को डंपयार्ड में सुरक्षित रखा गया है, जहां से मालिक उन्हें निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क के भुगतान के बाद ही प्राप्त कर सकते हैं।
नगर निगम ने वाहनों के मालिकों को चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे में वाहन नहीं हटाया जाता है, तो नगर निगम बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के वाहन को डंपयार्ड में भेज सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यह नियम शहर की सफाई और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि मुंबई जैसे बड़े शहर में लावारिस और खटारा वाहनों की समस्या काफी पुरानी है। लंबे समय तक खड़े वाहन न केवल ट्रैफिक जाम का कारण बनते हैं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ाते हैं। इस कदम से न केवल शहर के दृश्य सौंदर्य में सुधार होगा, बल्कि सुरक्षा और यातायात नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
BMC के अधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई केवल टो करने तक सीमित नहीं है। उन वाहनों पर कानूनी नोटिस भी जारी किए गए हैं, ताकि मालिकों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास हो और वे स्वयं अपने वाहन हटाएं। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि शहर की सड़कों पर गाड़ी का अतिक्रमण और लापरवाही कम हो।
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि लंबे समय से सड़क किनारे खड़े पुराने और लावारिस वाहन न केवल ट्रैफिक को प्रभावित कर रहे थे, बल्कि लोगों की पैदल आवाजाही में भी बाधा डाल रहे थे। BMC की यह पहल शहर की सफाई और सुव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई अन्य बड़े शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। यह स्पष्ट करता है कि लावारिस और खटारा वाहनों के खिलाफ कड़ी नीति और कार्रवाई की आवश्यकता है, जिससे सड़क पर अतिक्रमण और सार्वजनिक असुविधा को रोका जा सके।
BMC के अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में शहर में नियमित निगरानी अभियान जारी रहेगा। ऐसे अभियान के माध्यम से लावारिस वाहनों की पहचान की जाएगी और उन्हें समय पर टो किया जाएगा। इस कदम से शहर में ट्रैफिक नियंत्रण, सार्वजनिक सुरक्षा और सफाई को और मजबूत किया जा सकेगा।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहन निर्धारित स्थान पर पार्क करें और पुराने या खटारा वाहन समय पर हटाएं, ताकि इस तरह की कार्रवाई से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि यह नियम केवल सड़कों की सुचारू व्यवस्था और सुरक्षा के लिए है, न कि किसी व्यक्तिगत रूप से परेशान करने के लिए।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जो वाहन मालिक नोटिस मिलने के बावजूद अपनी गाड़ी नहीं हटाएंगे, उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही टो किए गए वाहनों के मालिक को डंपयार्ड शुल्क और अन्य संबंधित शुल्क भी अदा करना होगा।
इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य मुंबई की सड़कों को साफ-सुथरा, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना है। लंबे समय से सड़क किनारे खड़े खटारा वाहन न केवल शहर के सौंदर्य को प्रभावित कर रहे थे, बल्कि ट्रैफिक और पैदल मार्ग के लिए भी खतरा बन रहे थे।








