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देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार ने भव्य समारोह की तैयारी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम (IGI Stadium) में इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और आज़ादी के संघर्ष की उस आवाज़ का उत्सव है जिसने लाखों भारतीयों को एकजुट किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष स्मारक डाक टिकट और स्मृति सिक्का जारी करेंगे। इस सिक्के और टिकट पर राष्ट्रगीत के प्रतीकात्मक शब्द और लेखक बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की छवि अंकित होगी। कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय और संचार मंत्रालय की संयुक्त मेजबानी में देशभर के कलाकार, विद्यार्थी और सांस्कृतिक प्रतिनिधि भाग लेंगे।
सूत्रों के अनुसार, समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान से होगी, जिसमें हजारों स्कूली बच्चे और कलाकार शामिल होंगे। इसके बाद विभिन्न राज्यों के लोक कलाकार अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति और वेशभूषा के साथ देश की एकता और विविधता को मंच पर पेश करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी अपने संबोधन में ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा, उसके स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और आधुनिक भारत के लिए उसके संदेश पर बात करेंगे। उम्मीद है कि वह इस अवसर पर देशवासियों से “राष्ट्र चेतना के पुनर्जागरण” का आह्वान भी करेंगे।
‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने वर्ष 1875 में की थी। बाद में इसे उनकी प्रसिद्ध कृति आनंदमठ में शामिल किया गया। यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। जब भी देश के लोग अंग्रेज़ी शासन के खिलाफ उठ खड़े हुए, “वंदे मातरम्” की गूंज ने हर दिशा में जोश और देशभक्ति का संचार किया।
1905 में बंग-भंग आंदोलन के दौरान यह नारा जनता की ज़ुबान पर था, और आगे चलकर स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बन गया। स्वतंत्र भारत के संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को “वंदे मातरम्” को राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता दी।
आज, 150 वर्षों के बाद, यह गीत भारतीय अस्मिता, संस्कृति और एकता का प्रतीक बन चुका है।
सूत्रों के मुताबिक, आईजीआई स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से करीब 10,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। इस अवसर पर एक विशेष सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति भी होगी, जिसमें भारत की 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों की झलक देखने को मिलेगी।
संगीतकार ए.आर. रहमान द्वारा तैयार विशेष सिम्फनी “वंदे मातरम् 150” भी कार्यक्रम में प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें पारंपरिक और आधुनिक संगीत का संगम होगा। इस प्रस्तुति का उद्देश्य युवा पीढ़ी को इस गीत के ऐतिहासिक महत्व से जोड़ना है।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री मोदी देश के युवाओं से संवाद करेंगे और उन्हें भारत की प्रगति में “राष्ट्र गीत की भावना” को आगे बढ़ाने का संदेश देंगे।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने कहा कि यह समारोह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का उत्सव है। उन्होंने बताया कि आने वाले एक वर्ष तक देशभर में “वंदे मातरम्@150” अभियान के तहत स्कूलों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर कई सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
डाक विभाग और भारतीय मुद्रा निर्माण निगम ने इस मौके पर जो विशेष टिकट और सिक्का तैयार किया है, वह देश के इतिहास और गौरव का प्रतीक माना जा रहा है। स्मृति सिक्के की कीमत 150 रुपये रखी गई है, जो इस वर्षगांठ को दर्शाती है।
इस कार्यक्रम को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर #VandeMataram150 और #PMModiVandeMataram जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। युवा वर्ग से लेकर बुजुर्गों तक, सभी इस गीत की विरासत और भावना से जुड़ाव महसूस कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह आयोजन एक बार फिर यह संदेश देता है कि “वंदे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा की धड़कन है। आज, 150 साल बाद भी यह गीत हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की वही लौ जलाए रखता है, जिसने कभी हमें स्वतंत्रता की राह पर अग्रसर किया था।








