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नाशिक — Nashik Road इलाके में स्थित लगभग एक-किलोमीटर लंबा फोर-लेन फ्लाइओवर गंभीर हालत में है। यह फ्लाइओवर वर्ष 2003 के Kumbh Mela 2003 से पहले बनकर तैयार हुआ था, लेकिन आज वहां गड्ढों, वटों और टूट-फूट के कारण चालक और पयात्री दोनों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह संरचना मुख्यतः सिन्नर फाटा की ओर से नाशिक शहर में आने वाले भारी वाहनों व सामान्य यातायात के लिए जीवनरेखा की तरह है, लेकिन इसकी बरबादी से रोजमर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही है। गड्ढों में टायर पंचर हो रहे हैं, वाहन कंपनियाँ बार-बार मरम्मत का बोझ उठा रही हैं और लाखों यात्रियों को प्रतिदिन जाम में फँसना पड़ रहा है। एक स्थानीय निवासी राजेश नवाले ने बताया कि “सिन्नर फाटा-सेन्टर की ओर उतरते समय ड्राइवर को कम-से-कम तीन लाल बत्तियों का सामना करना पड़ता है; इतना वाहनों का दबाव है। इसके बावजूद एनएमसी की ओर से जूनो तक कोई ठोस कदम नहीं दिखा।”
यातायात पुनरावृत्ति व वाहन दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। दो पहिया वाहन चालक खासकर जोखिम में हैं क्योंकि गड्ढों व उबड़-खाबड़ सतह की वजह से निरंतर असमंजस में रहने को मजबूर हो रहे हैं। जून के बाद भी इस फ्लाइओवर पर मरम्मत की दर बहुत कम रही है, सिर्फ कुछ पैचवर्क किया गया, लेकिन समग्र कार्य अभी तक अधूरा है।
पुलिस यातायात शाखा के निरीक्षक Subhash Pawar ने बताया कि उन्होंने निवेदन किया है कि एनएमसी तुरंत पूरे फ्लाइओवर की स्थिति का आकलन करे। उन्होंने कहा है कि “कुछ पैचिंग का कार्य शुरू हुआ है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो गंभीर दुर्घटनाओं का डर बना रहेगा।”
एनएमसी की ओर से इस मामले में कोई व्यापक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि एक अधिकारी ने कहा है कि “फ्लाइओवर का कुछ हिस्सेदारी असफाल्टिंग किया गया है, बारिश के कारण काम बाधित हुआ था।” इस तरह की अर्ध-स्वीकारोक्ति ने नागरिकों में असंतोष को और बढ़ा दिया है।
विशेष रूप से मानसून के दौरान यह फ्लाइओवर और अधिक प्रवाह-रहित हो जाता है—पानी भरने, गड्ढों में पानी ठहरने तथा वाहन त्रुटियों में वृद्धि देखने को मिली है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह संरचना अब मरम्मत-योग्य अवस्था से आगे निकल चुकी है और तुरंत व्यापक पुनरुद्धार की प्रतीक्षा कर रही है।
स्थानीय व्यापारियों व नागरिक समूहों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो इस मार्ग की मरम्मत की जनहित याचिका उठने की संभावना है। यह फ्लाइओवर सिर्फ एक कंक्रीट संरचना नहीं है, बल्कि नाशिक-सिन्नर मार्ग की धुरी है जो आर्थिक एवं सामाजिक गतिशीलता से जुड़ी हुई है।








